श्योपुर में जनसुनवाई के दौरान एक आदिवासी महिला ने अपनी निजी भूमि पर जबरन कब्जे का आरोप लगाया है। महिला ने शिकायत की है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने न्याय न मिलने पर परिवार सहित आत्महत्या करने की चेतावनी दी है। जबरन जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप ग्राम मोरेका, तहसील बीरपुर निवासी रामदासी बेवा रामबाबू ने बताया कि वह आदिवासी समुदाय से हैं। उनकी ग्राम पुरा स्थित निजी भूमि सर्वे क्रमांक 771/3 और 925/6 है, जिसका कुल रकबा 3.1350 हेक्टेयर है। यह भूमि वर्षों से राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज है और उनके पास पट्टे की प्रतियां भी हैं। रामदासी के अनुसार, लगभग तीन महीनों से बाबू मोगिया पुत्र नाथ्या, जाति मोगिया, उनकी भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। जब वह अपनी जमीन पर गेहूं की फसल बोने जाती हैं, तो आरोपी उन्हें रोकता है, मारपीट करता है और हथियार से जान से मारने की धमकी देता है। पीड़िता बोली-धमकियों से अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे महिला ने बताया कि इस घटना के कारण उनका पूरा परिवार तनाव में है। आरोपी की धमकियों से वे अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे हैं। पीड़िता का आरोप है कि उन्होंने ओछापुरा थाना प्रभारी से लेकर जनसुनवाई तक कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। न्याय न मिलने पर आत्महत्या की दी चेतावनी जनसुनवाई में महिला ने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह अपने परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर होंगी। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर डाली है। महिला ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए, उसे नोटिस जारी किया जाए और उनकी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए। जनसुनवाई में मौजूद अधिकारियों ने आवेदन प्राप्त कर जांच का आश्वासन दिया है।


