राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को जशपुर जिले के आगडीह हवाई पट्टी पर पहुंचीं। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को जशक्राफ्ट ब्रांड के तहत तैयार स्थानीय हस्तशिल्प उत्पाद भेंट किए गए। ये उत्पाद बांस और सवई घास से बने थे, जो जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक कला का प्रतिनिधित्व करते हैं। राष्ट्रपति ने हस्तनिर्मित कलाकृतियों की सराहना की और स्थानीय कारीगरों की रचनात्मकता, कौशल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को महत्वपूर्ण बताया। जशक्राफ्ट पहल और ग्रामीण महिला सशक्तिकरण राष्ट्रपति ने कहा कि जशक्राफ्ट उत्पाद पारंपरिक जनजातीय कला का संरक्षण करते हुए स्थानीय संसाधनों के सतत उपयोग का प्रेरक उदाहरण हैं। जशपुर वनमंडल द्वारा ग्राम कोटानपानी की संयुक्त वन प्रबंधन समिति को चक्रीय निधि से वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिससे ग्रामीण महिला कारीगर स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर रही हैं। उत्पाद और पर्यावरण संरक्षण जशक्राफ्ट के तहत झुमके, माला, टोपी और अन्य पारंपरिक व आभूषण दैनिक उपयोग की सामग्री बनाई जा रही है। ये उत्पाद पारंपरिक कला, कौशल और जनजातीय ज्ञान का प्रतिबिंब हैं। निर्माण प्रक्रिया में पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय कला का संवर्धन इस पहल से स्थानीय कारीगरों और ग्रामीण परिवारों का आर्थिक सशक्तिकरण हो रहा है। साथ ही जशपुर क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय हस्तकला को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। इससे नए बाजार खुलेंगे, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।


