छतरपुर जिला मुख्यालय की तहसील में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने अपने परिवार सहित आत्महत्या करने की बात कहकर हंगामा खड़ा कर दिया। युवक ने डिप्टी कलेक्टर के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह पत्नी और दो बच्चों के साथ आत्मघाती कदम उठा लेगा। घटना जनसुनवाई के दौरान की है, जहां मौरहा गांव निवासी नत्थू यादव अपने राजस्व रिकॉर्ड में सुधार को लेकर आवेदन देने पहुंचा था। युवक ने डिप्टी कलेक्टर विशा बाधवानी से कहा कि वह लंबे समय से परेशान है और कहीं उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर डिप्टी कलेक्टर ने उसे शांत रहने की समझाइश दी और आत्महत्या जैसी बात कहने से मना किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की धमकी देने पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है। इस पर युवक ने कहा कि वह धमकी नहीं दे रहा, बल्कि निवेदन कर रहा है। उसने यह भी कहा कि यदि उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया जाए तो कम से कम वहां उसे भोजन तो मिल जाएगा और भूखा नहीं मरना पड़ेगा। इसके बाद युवक बड़बड़ाते हुए जनसुनवाई कक्ष से बाहर निकल गया। राजस्व रिकॉर्ड सुधार को लेकर लंबे समय से परेशान
जानकारी के अनुसार, नत्थू यादव का आरोप है कि उसके राजस्व रिकॉर्ड में सुधार का मामला करीब एक से डेढ़ साल से लंबित है। इस संबंध में उसने कई बार आवेदन, निवेदन और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन अब तक कोई राहत नहीं मिली। युवक का कहना है कि हाल ही में उसने 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री निवास, भोपाल में आवेदन दिया था, जो वापस आ गया। युवक ने आरोप लगाया कि इसके बाद रविवार को पटवारी ने फोन कर तहसील बुलाया, जहां उसे भरोसे में लेकर दबाव बनाया गया और उसकी सीएम हेल्पलाइन से की गई शिकायतें जबरन बंद करवा दी गईं। उसने यह भी दावा किया कि इस पूरी घटना के फुटेज तहसील परिसर में लगे कैमरों में दर्ज हैं। प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
घटना के बाद तहसील प्रशासन ने जनसुनवाई के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए गेट पर अतिरिक्त गार्ड तैनात कर दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।


