झाबुआ में आंगनवाड़ी नियुक्ति पर ग्रामीणों का विरोध:दान की भूमि पर बनी आंगनवाड़ी में बाहरी कर्मचारियों की नियुक्ति का आरोप

झाबुआ के धांधलपुरा बड़ा ग्राम पंचायत के मोमला-कठड़ा फलिया के ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की नियुक्ति में धांधली का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि जनहित में दान की गई उनकी निजी भूमि पर बने आंगनवाड़ी भवन में बाहरी लोगों को नियुक्त किया जा रहा है। बाहरी लोगों को नियुक्त करने का लगाया आरोप ग्रामीणों का मुख्य विरोध कालीदेवी क्षेत्र की निवासी कांती गामड़ (कार्यकर्ता) और पांचा परमार (सहायिका) की प्रस्तावित नियुक्तियों को लेकर है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन स्थानीय लोगों की अनदेखी कर राजनीतिक दबाव में बाहरी व्यक्तियों को रोजगार दे रहा है, जो नियमों और नैतिकता के विरुद्ध है। शिकायत लेकर पहुंचे तितरिया पिता राया (मखोडिया जाति) के परिवार ने बताया कि वर्तमान आंगनवाड़ी भवन उनकी निजी स्वामित्व वाली भूमि पर बना है। यह भूमि परिवार की ओर से फलिये के बच्चों और महिलाओं को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से निशुल्क उपलब्ध कराई गई थी। योग्य सदस्य को नियुक्त करने की रखी मांग परिवार की मांग है कि चूंकि उन्होंने जनहित में भूमि दान की है, इसलिए प्राथमिकता के आधार पर उनके परिवार के किसी योग्य सदस्य को वहां नियुक्त किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में स्पष्ट किया कि यह नियुक्तियां पूरी तरह से राजनीतिक प्रभाव में की गई प्रतीत होती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि स्थानीय निवासी न होने के कारण बाहरी कर्मचारी अक्सर गैरमौजूद रह सकते हैं, जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ेगा। ग्रामीणों ने कालीदेवी की प्रस्तावित नियुक्तियों को तत्काल निरस्त करने और फलिये के ही योग्य तथा स्थानीय निवासी को प्राथमिकता देकर नियुक्त करने की मांग की है।

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