करौली में भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत ‘नो मैप’ श्रेणी के मतदाताओं की पहली सुनवाई शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया के तहत करौली विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं की व्यक्तिगत सुनवाई आयोजित की गई। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (ईआरओ) और उपखण्ड अधिकारी (एसडीएम) प्रेमराज मीना ने इन मतदाताओं की व्यक्तिगत सुनवाई की। यह सुनवाई उन मतदाताओं के लिए थी जिनके नाम मतदाता सूची में ‘नो मैप’ श्रेणी में दर्ज हैं। निर्वाचन शाखा के राजेंद्र दीवान ने बताया कि करौली विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 82 से 110 तक के 103 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। ये वे मतदाता थे जिनके नाम या उनके माता-पिता के नाम वर्ष 2002 की अंतिम पुनरीक्षण सूची में दर्ज नहीं थे। आज की सुनवाई में इन 103 में से 69 मतदाता उपस्थित हुए। प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की जांच के बाद, जिन प्रकरणों को सही पाया गया, उनमें मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एसडीएम प्रेमराज मीना ने जानकारी दी कि करौली विधानसभा क्षेत्र में कुल 2403 ‘नो मैप’ श्रेणी के मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से दावा-आपत्ति के नोटिस भेजे गए हैं। इन सभी मतदाताओं की सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी कार्यालयों में निर्धारित तिथियों पर व्यक्तिगत सुनवाई की जाएगी। दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी निर्धारित की गई है। पात्र मतदाता निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 प्रकार के दस्तावेजों में से किसी एक की स्वप्रमाणित प्रति प्रस्तुत कर स्वयं और माता-पिता के प्रमाण के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान निर्वाचन शाखा से बुद्धि प्रकाश (प्रोग्रामर), मनीष गुप्ता (सहायक प्रोग्रामर), निर्भय मीना, रवि मीना (सूचना सहायक) सहित संबंधित बूथ लेवल अधिकारी मौजूद रहे।


