असमंजस बरकरार:चतुर्थी व्रत; विभाग मौन; महिला शिक्षक संघ का नहीं होगा सम्मेलन

शिक्षा विभाग की ओर से सम्मेलनों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर गुरुवार को भी कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया। इससे शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बरकरार रही। अब शुक्रवार को तिलकुटा चतुर्थी व्रत है। ऐसे में राजस्थान राज्य महिला शिक्षक संघ ने तो सम्मेलन नहीं करने का निर्णय लिया है। सम्मेलन 17-18 जनवरी को होने हैं। संघ की प्रदेशाध्यक्ष कमला लांबा का कहना है कि हमारे संगठन का सम्मेलन नहीं होगा। क्योंकि तिलकुटा चतुर्थी का व्रत बड़ा व्रत होता है। इस व्रत का सनातन धर्म में बहुत अधिक महत्व है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु व सुहागिन स्त्री अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए व्रत रखती है। ऐसे में इस दिन सम्मेलन करना प्रासंगिक नहीं है। इस दिन भूखे-प्यासे रहकर सम्मेलन में पूर्ण ऊर्जा के साथ योगदान देना संभव नहीं है। क्योंकि रात को चंद्र दर्शन के बाद ही अन्न-जल ग्रहण किया जाता है। अत: श्रद्धा व दृढ़ संकल्प के प्रतीक इस चतुर्थी व्रत के कारण हमारे संगठन ने सम्मेलन नहीं करने का निर्णय लिया है। ताकि महिलाएं यह व्रत कर सके। हमारे संगठन से जुड़ी शिक्षिकाएं प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के सम्मेलन में ऑनलाइन जुड़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी। उधर, अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ का सम्मेलन दौसा में श्रीनाथ पैलेस श्याम सरोवर में, राजस्थान समग्र शिक्षक संघ का सम्मेलन उदयपुर में श्री फतेह राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल सूरजपोल में, राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ का सम्मेलन राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल हरमाड़ा में होगा।

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