अब सरपंच ही प्रशासक बनेंगे:167 पंचायतों का कार्यकाल आज पूरा, सरपंच रहेंगे कमेटी के चेयरमैन, पूर्व की तरह होंगे कार्य

पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव जनवरी 2020 में हुए थे, लेकिन अब सरकार की ओर से पंचायतीराज चुनाव में हो रही देरी के चलते जिन पंचायतों को कार्यकाल समाप्त हो रहा है उन पंचायतों में सरपंच को ही प्रशास​कीय समिति का चेयरमैन बनाया है। पूर्व की भांति ही निवर्तमान सरपंच वित्तीय लेन देन कर सकेंगे। बाड़मेर-बालोतरा जिले में 17 जनवरी को 167 ग्राम पंचायतों में सरपंच का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में अब सरकार प्रशासक लगाने की बजाय प्रशास​कीय कमेटी गठित कर निवर्तमान सरपंच को ही चेयरमैन बना रही है, इससे चुनाव नहीं होने तक गांव की सरकार के कामकाज पूर्व की भांति चलते रहेंगे। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की ओर से राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 95 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रदेश की ऐसी ग्राम पंचायतें जिनका कार्यकाल 31 जनवरी 2025 तक समाप्त हो रहा है, उनमें अब चुनाव अपरिहार्य कारणों से संपन्न नहीं हो रहे हैं। कार्यकाल समाप्त होने वाली सभी ग्राम पंचायतों में निवर्तमान सरपंच को प्रशासक नियुक्त करने व ग्राम पंचायतों कार्यकलापों को सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए प्रशास​कीय समिति का गठन करने का निर्णय लिया है। इस समिति में ग्राम पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व वे व्यक्ति जो संबंधित ग्राम पंचायत के उप सरपंच एवं वार्ड पंच है, वे सदस्य बनाए जाएंगे। सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को प्रशासक नियुक्त करने एवं प्रशासकीय समितियों का गठन किए जाने के लिए अधिकृत किया गया है। जनवरी में 344 ग्राम पंचायतों का समाप्त हो रहा कार्यकाल इस जनवरी में बाड़मेर-बालोतरा जिले की 344 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। जनवरी 2020 में तीन चरणों में चुनाव हुए थे। जिसमें प्रथम चरण 17 जनवरी 2020 को 167 ग्राम पंचायत, द्वितीय चरण 23 जनवरी 2020 को 121 ग्राम पंचायत, तृतीय चरण 29 जनवरी 2020 को 56 ग्राम पंचायतों में चुनाव हुए थे। जबकि इसके बाद 15 मार्च 2020 को 112 ग्राम पंचायतों में चुनाव हुए थे। इसके अलावा 233 ग्राम पंचायतों के चुनाव सितंबर और अक्टूबर 2020 में हुए थे। इन 344 पंचायतों में प्रशासकीय समिति के चेयरमैन होंगे सरपंच 17 जनवरी को बालोतरा की 38, गिड़ा की 36, गुड़ामालानी की 31, समदड़ी की 26, कल्याणपुर की 29, फागलिया की 4 व पायला कला की 3 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसी तरह 23 जनवरी को सिणधरी की 30, पायला कला की 17, गडरारोड की 37 व बाड़मेर ग्रामीण की 37 पंचायत, 29 जनवरी को बायतु की 38, फागलिया की 18 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होगा। ऐसे में इन ग्राम पंचायतों में सरकार ने सरपंचों को ही प्रशासक बनाए जाने के लिए कलेक्टरों को अधिकृत किया है। सरपंच प्रशासकीय कमेटी के चेयरमैन होंगे और पूर्व की भांति वित्तीय काम कर सकेंगे। जब तक पंचायतों के चुनाव नहीं होंगे, तब तक सरपंच प्रशासकीय समिति के चेयरमैन रहेंगे। पुनर्गठन से बदलेगा पंचायतीराज का नक्शा, इसके बाद चुनाव सरकार की ओर पंचायतीराज में पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। ऐसे में अप्रैल तक पुनर्गठन चलेगा। इससे पंचायत और पंचायत ​समितियों का ढांचा बदलेगा। कहीं पंचायतें बढ़ेगी तो कहीं पंचायती समितियों में पंचायतें कम होगी। इसके अलावा बाड़मेर-बालोतरा में अब अलग-अलग जिला परिषद होगी। ऐसे में वार्डों का पुनर्गठन भी होगा। ऐसे में अब आगामी 6 माह तक चुनाव करवाया जाना संभव नहीं दिख रहा है। ऐसे में कार्य यथावत ही चलेंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *