आगरा-जयपुर और मथुरा-भरतपुर हाईवे पर दर्जनों की संख्या में ठगी के बूथ चल रहे हैं। इन बूथ पर ऑनलाइन रोड टैक्स भुगतान की आड़ में बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। कई राज्यों का आरटीओ टैक्स भरने का झांसा देकर वाहन चालकों से लाखों रुपए की ठगी की जाती है। ऐसे ही एक मामले में कानपुर से मुंबई जा रहे क्रेन ड्राइवर से आगरा रोड पर एक बूथ संचालक ने 90 हजार रुपए वसूलकर इंटरस्टेट की फर्जी टैक्स रसीद थमा दी। वाहन चेकिंग के दौरान परिवहन निरीक्षक की जांच में रसीद फर्जी होने का खुलासा हुआ। इस पर इंस्पेक्टर ने क्रेन क 4.46 लाख रुपए का चालान काट दिया। वहीं, इस मामले में पीड़ित ड्राइवर ने बूथ संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस के मौके पर पहुंचने से ही पहले आरोपी बूथ बंद करके फरार हो गया। पंजाब निवासी ड्राइवर रसपाल सिंह ने बताया कि वह क्रेन में 84 हजार टन वजनी मशीन लेकर कानपुर से मुंबई जा रहा था। 12 जनवरी को उसने जयपुर-आगरा हाइवे पर स्थित एक खोखे में चल रहे टैक्स बूथ से राजस्थान का टैक्स कटवाया। इस दौरान दुकानदार महेश निवासी फतेहपुर सीकरी ने उससे 90350 रुपए लिए और रसीद दे दी। लुधावई टोल प्लाजा पर परिवहन इंस्पेक्टर मुकेश सैनी ने गाड़ी को रुकवाया और कागजों की जांच की। जांच में टैक्स रसीद नंबर को परिवहन विभाग के पोर्टल पर डाला। पोर्टल पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी। जब रसीद की बारीकी से जांच की तो पता चला कि यह रसीद फर्जी है। इसके बाद पता चला कि बूथ संचालक ने उसके साथ फर्जीवाड़ा किया है। परिवहन निरीक्षक ने क्रेन पर 4 लाख 46 हजार रुपए का जुर्माना वसूला। इन तीन केसों से समझें फर्जीवाड़े का गणित 3 हजार की फर्जी रसीद दी, 17 हजार का जुर्माना लगा वाहन संख्या यूपी-80- एफटी-3976 के मालिक दलवीर ने बताया कि 4 दिसंबर उनकी गाड़ी भरतपुर से नfकली तो ड्राइवर ने रास्ते में एक बूथ से 3243 रुपए का इंटरस्टेट टैक्स कटवाया। दौसा आरटीओ इंस्पेक्टर ने जांच में टैक्स की रसीद को फर्जी बताया। इस पर उन्हें 17 हजार रुपए का जुर्माना भरना पड़ा। ऊंचा नगला के पास एक बूथ से कटवाया था टैक्स वाहन संख्या जीजे-10- एचटी- 8589 के स्वामी ने बताया कि 24 दिसंबर हाइवे पर एक बूथ से 1190 का टैक्स जमा कराया था। रास्ते में परिवहन विभाग की टीम ने जांच में टैक्स रसीद को फर्जी बताया। इस पर ड्राइवर को जुर्माना जमा करना पड़ा। जिसके चलते उन्हें यह जुर्माना राशि चुकानी पड़ी। बूथ पर 7650 रुपए जमा कर फर्जी रसीद थमाई वाहन संख्या पीबी-65 एएक्स 4110 की मालकिन शबीना मित्तल ने बताया कि गाड़ी 25 दिसंबर को आगरा होते हुए भरतपुर होकर गंतव्य की ओर जा रही थी। ड्राइवर ने 25 दिसंबर को आगरा-जयपुर हाइवे पर स्थित एक बूथ पर 25 दिसंबर से 20 दिसंबर, 2025 तक का 7650 रुपए का टैक्स जमा कराया था। परिवहन/पुलिस रसीद फर्जी बताकर चालान कर दिया। फतेहपुर सीकरी का निवासी है बूथ संचालक बूथ के पास स्थित एक चाय के खोखे के पास बैठे कुछ युवकों ने बताया कि बूथ वाला फतेहपुर सीकरी का रहने वाला है। अब अचानक कम्प्यूटर और अन्य सामान लेकर फरार हो गया। विभाग की असली और फर्जी वेबसाइट में सिर्फ . com व . gov का अंतर, क्यूआर कोड स्कैन से हुआ खुलासा परिवहन विभाग के अफसरों के अनुसार असली और फर्जी टैक्स रसीद में अंतर विभागीय अधिकारी ही पकड़ सकता है। असली रसीद में चेसिस नंबर और मोबाइल नंबर अंकित होता है, लेकिन फर्जी में खाली छोड़ा गया। इसके अलावा असली रसीद में चेक पोस्ट का नाम रारह लिखा था जबकि फर्जी रसीद में अलवर अंकित था। इन दोनों रसीदों में छपे क्यूआर कोड को स्कैन करने करते ही http/ kms.parivahan.g ov.in लिंक खुलता है, जबकि फर्जी वेबसाइट का क्यूआर कोड स्कैन करते ही https:// kmsparivahan .com लिंक ओपन हो रहा था। इस वेबसाइट के जरिए अब तक यूपी, पंजाब, गुजरात समेत अन्य राज्यों के करीब 120 से अधिक वाहनों की 170 रुपए से लेकर करीब एक लाख रुपए फर्जी टैक्स रसीद काटी जा चुकी है।अब तक 10 लाख रुपए का घोटाला कर चुके हैं। भास्कर संवाददाता ने ऊंचा नगला, लुधावई टोल प्लाजा और मथुरा रोड पर टैक्स बूथों पर जाकर पड़ताल की। इस दौरान कई बूथ बंद मिले।


