बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के नगर पंचायत वाड्रफनगर स्थित वृद्ध आश्रम की स्थिति दयनीय बनी हुई है। वार्ड क्रमांक 1, रजखेता में संचालित यह आश्रम भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की योजना के तहत छत्तीसगढ़ शासन की ओर से चलाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, पिछले कई महीनों से भवन का किराया भुगतान न होने के कारण मकान मालिक ने एक कमरे को छोड़कर बाकी सभी कमरों और रसोईघर में ताला लगा दिया है। इससे आश्रम में रह रहे बुजुर्गों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आश्रम में पहले 6 से 7 कर्मचारी कार्यरत थे, लेकिन लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण सभी ने काम करना बंद कर दिया है। कर्मचारियों के अभाव में भोजन, साफ-सफाई, देखभाल और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। आश्रम की संचालन व्यवस्था लगभग ठप हो गई है। एक कमरे में रहने को मजबूर बुजुर्ग कड़ाके की ठंड के बीच अधिकांश कमरे बंद होने से आश्रम में रह रहे 6 से 7 बुजुर्गों को एक ही कमरे में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सीमित स्थान, ठंड से बचाव के संसाधनों की कमी और अव्यवस्थाओं के चलते बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। 8 महीने से नहीं मिला वेतन आश्रम की शाखा प्रबंधक नेहा दास ने बताया कि उन्हें पिछले 8 महीनों से वेतन नहीं मिला है, इसके बावजूद वे बुजुर्गों को ठंड से बचाने, भोजन और देखभाल की व्यवस्था में जुटी हुई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने संज्ञान लिया है। कलेक्टर ने लिया संज्ञान उन्होंने बताया कि उन्हें वृद्ध आश्रम की स्थिति की जानकारी मिली है और एसडीएम को मौके पर भेजा जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से सभी बुजुर्गों को अस्थायी रूप से बलरामपुर स्थित वृद्ध आश्रम में शिफ्ट किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर सुविधा और देखभाल मिल सके।


