दुर्ग जिले के रानीतराई थाना क्षेत्र के अंतर्गत साप्ताहिक बाजार में नकली नोट खपाने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दंपत्ति ने यूट्यूब देखकर नोट छापने का तरीका सीखा और फिर उन्हें बाजार में खपाने लगे। छोटे व्यापारियों को निशाना बनाकर वे 500, 200 और 100 रुपये के नकली नोट थमाते थे। शक न हो, इसके लिए नोटों पर जानबूझकर मिट्टी तक लगा देते थे, ताकि वे पुराने और चलन में लगे दिखें। इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि नोटों की खराब प्रिंट क्वालिटी और छूने में अलग एहसास ने व्यापारियों को सतर्क कर दिया और पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर 1.70 लाख रुपये से अधिक के नकली नोट और नोट छापने का सामान जब्त किया है। ऑनलाइन मंगाई मशीन से छाप रहे थे 500, 200 और 100 के नकली नोट
साप्ताहिक बाजार में खुलेआम नकली नोट चलाकर खरीदारी कर रहे पति-पत्नी को पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपियों के कब्जे से 500, 200 और 100 रुपये के कुल 1 लाख 70 हजार 500 रुपये के नकली नोट, कलर फोटो कॉपी प्रिंटर और पेपर बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि दंपत्ति ने कलर प्रिंटर और पेपर को ऑनलाइन मंगवाया था, इसी से वे नकली नोट को छाप रहे थे।
व्यापारियों को शक हुआ तो पुलिस को दी सूचना
प्रार्थी ग्राम सिलपट धमतरी निवासी सब्जी विक्रेता तुलेश्वर सोनकर ने बताया कि शाम करीब 5.30 बजे एक पुरुष और महिला ने उससे 60 रुपये की मटर और मिर्च खरीदी और बदले में 500 रुपये का नोट दिया। उसने बाकी पैसे लौटा दिए और नोट गल्ले में रख लिया। कुछ देर बाद अन्य व्यापारियों ने बाजार में नकली नोट चलने की सूचना दी। जब तुलेश्वर ने गल्ले की जांच की तो नोट देखने और छूने में ही नकली लगा। नोट का नंबर 9EP143736 भी संदिग्ध पाया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी दंपती ने रानीतराई बाजार के अलावा पाटन साप्ताहिक बाजार में भी कई व्यापारियों को नकली नोट थमाकर सामान खरीदा था। सब्जी मंडी, ठेले और छोटे व्यापारियों को ही उनका निशाना बनाया गया, ताकि जल्दी पकड़ में न आएं। अन्य व्यापारियों के पास भी मिला नोट
एक व्यापारी के पास नकली नोट मिलने की जानकारी होते ही पूरे बाजार के व्यापारियों ने अपने पास रखा नोट चेक किया। इसमें रानीतराई के बाजार में अन्य व्यापारियों भावेश देवागंन कौही, आदो राम बेलवाकुदा, दीपक साहू, संतोष देवागंन असोगा, शीतल यादव डिधारी, चंद्रिका बाई खपरी, रोहित सोनकर सब्जी मण्डी, भूपेन्द्र पटेल खपरी के पास भी पति-पत्नी ने नकली नोट दिया था। 29 दिसंबर 2025 को रानीतराई साप्ताहिक बाजार में व्यापारियों ने नकली नोट चलने की शिकायत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम बाजार पहुंची और संदिग्धों पर नजर रखी। इसी दौरान अरुण कुमार तुरंग और उसकी पत्नी राखी तुरंग को पकड़ लिया गया। पूछताछ में दोनों ने नकली नोट चलाने की बात स्वीकार कर ली। शक न हो इसलिए नोटों पर लगाते थे मिट्टी, पेपर की क्वालिटी थी खराब
पुलिस पूछताछ में आरोपी अरुण तुरंग ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि मशीन से 500 रुपये के असली नोट की फोटो कॉपी कर नकली नोट छापे जाते थे। बाद में उन्हें काटकर बाजार में चलाया जाता था। आरोपी के पास रानीतराई बाजार में चलाने के लिए करीब 5200 रुपये के नकली नोट थे। किसी को शक न हो इसलिए नोटों पर मिट्टी लगाते थे। लेकिन नोटों की खराब क्वालिटी की वजह से व्यापारियों को शक हुआ और ये पकड़ा गए। रायपुर स्थित घर की तलाशी में मिले नोट
पुलिस ने आरोपियों के रायपुर जिले के सोनपैरी, मुजगहन स्थित घर की तलाशी ली। वहां से कलर फोटो कॉपी मशीन, पेपर और 1 लाख 65 हजार 300 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। मौके से जब्त 5200 रुपए जोड़कर कुल 1 लाख 70 हजार 500 रुपये के नकली नोट पुलिस ने जब्त किए हैं। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस नकली नोट नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और नकली नोट कितने बाजारों तक पहुंच चुके हैं।


