रतलाम में एक रिटायर्ड प्रोफेसर और उनकी पत्नी को 28 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर उनके बैंक खातों से 1.34 करोड़ रुपए ठग लिए। ठगों ने पहले रिटायर्ड प्रोफेसर को कॉल कर कहा कि मुंबई के केनरा बैंक में 247 करोड़ रुपए आपके बैंक खातों मनी लॉड्रिंग की गई है। बैंक खाते में आपके आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज लगे हुए हैं। आपकी गिरफ्तारी की जाएगी। इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस ने आज यानी मंगलवार को किया। गिरफ्तारी का डर दिखाकर ली अकाउंट की पूरी डीटेल
इसी डर को बताते हुए ठगों ने रिटायर्ड प्रोफेसर से उनकी पूरी जानकारी ले ली। यहां तक प्रोफेसर ने अपने बेटे के कनाडा में होने की जानकारी भी दे दी। तब ठगों ने प्रोफेसर को डराया कि आपका बेटा भारत नहीं आ पाएगा। यह डर दिखाते हुए अलग-अलग बैंक खातों से 28 दिन में 1.34 करोड़ रुपए ठग लिए। जब बेटा कनाडा से रतलाम लौटा तो पिता ने उसे सारी बात बताई। इसके बाद बेटा अपने पिता और मां को लेकर एसपी अमित कुमार के पास पहुंचा। पूरा घटनाक्रम बताया। फरियादी की तरफ से ई-एफआईआर होने के बाद पुलिस इसे पूरे घटनाक्रम की तह तक गई। रतलाम पुलिस ने अब तक गुजरात, गोरखपुर व मध्यप्रदेश के नीमच से एक व्यक्ति कुल 11 लोगों को अरेस्ट किया है। जिनके बैंक खातों में रतलाम के प्रोफेसर से ठगे गए रुपए जमा हुए है। इस तरह किया डिजिटल अरेस्ट एसपी अमित कुमार ने मंगलवार शाम पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि 15 नवंबर 25 को शहर के डीडी नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक रिटायर्ड प्रोफेसर को मोबाइल एप के जरिए कॉल आया। कॉल पर आरोपियों ने कहा कि आपके बैंक खाते का उपयोग मनी लॉड्रिंग में में हो रहा है। मुबंई के केनरा बैंक खाते में आपके खाते से मनी लॉड्रिंग के 247 करोड़ रुपए जमा हुआ है। जिसमें आपका आधार व अन्य दस्तावेज लगे है। जब रिटायर्ड प्रोफेसर ने इस बारे में जानकारी होने से मना कर दिया। तब उन्हें उनके खिलाफ वारंट जारी होने और तत्काल गिरफ्तारी का डर दिखाया। वाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से पूरा कोर्ट रूम दिखाया। जिसमें पुलिस के अधिकारी नजर आए। इस तरह जर दिखाते हुए प्रोफेसर से उनके बैंक खातों की जानकारी मांगी। प्रोफेसर ने डर के कारण बता दिए कि तीन बैंक खाते है। इसे धीरे-धीरे परिवार के बारे में जानकारी ली। तब रिटायर्ड प्रोफेसर ने बेटे के कनाडा में होने की जानकारी दी। तब ठगों ने बेटे को भारत नहीं आने देने की धमकी देकर गिरफ्तारी की बात कही। इससे प्रोफेसर डर गए। जैसा वह लोग बोलते हुए वह प्रोफेसर करता रहे। SINGAL APP इंस्टाल कराया एसपी के अनुसार ठगों ने रिटायर्ड प्रोफेसर के मोबाइल में SINGAL APP इंस्टाल कराया। मानसिक दबाव बनाते हुए वीडियो कॉल के दौरान कोर्ट जैसा सेटअप, जज, वकील एवं गवाहों का नाटकीय दृश्य कर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट करना बताया। इस तरह रिटायर्ड प्रोफेसर व उनकी पत्नी को 15 नवंबर 25 से लेकर 12 दिसंबर 25 तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। हालांकि इस दौरान प्रोफेसर घर से बाहर आना-जाना भी करते रहे। ठगों ने किसी को भी कुछ भी बताने पर बेटे को कनाडा से रतलाम नहीं आने की धमकी भी दी। इस कारण प्रोफेसर ने किसी को कुछ भी नहीं बताया। यहां तक बेटे से भी लगातार बात की। लेकिन उसे भी इस बारे में इसलिए नहीं बताया कि कहीं बेटे को वह लोग मार नहीं दे या भारत नहीं आने देंगे। 28 दिन में रिटायर्ड प्रोफेसर के अलग-अलग तीन बैंक खातों से कुल 1 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपए ठगों ने अपने खातों में जमा करा लिए। इस राशि में गोल्ड लोन की राशि भी शामिल थी। बेटा कनाडा से आया तो पता चला 28 दिन तक डिटिडल अरेस्ट के बाद जब बेटा कनाडा से आया तो प्रोफेसर ने अपने बेटे को सारी बात बताई। तब बेटा माता और पिता को लेकर एसपी अमित कुमार के पास पहुंचा। यहां तक प्रोफेसर इतने डर गए थे कि वह एफआईआर भी दर्ज नहीं कराना चाहते थे। शिकायत के बाद एसपी अमित कुमार एसआईटी गठित की। जिसमें ने सायबर सेल प्रभारी अमित कोरी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव समेत सायबर व थाने की टीम को शामिल किया। कंबोडिया का निकला नंबर शिकायत के बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरू की। जिस सिंगल एप के माध्यम से कॉल आया। उसके बारे में पड़ताल की। तो पता चला कि ठगों ने विदेशी कंट्री कंबोडिया के नंबर से वाट्सएप हैक करकॉल किया। जब पुलिस आगे जांच में बढ़ती गई तो कड़ी से कड़ी मिलती गई। 11 लोगों के बैंक खातों में अलग-अलग रतलाम से ठगी का रुपया गया। जिनमें मध्यप्रदेश के जबलपुर के 4 लोग, नीमच का 1, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का 1 व गुजरात के जामनगर के 4 शामिल है। जिनका बैंक खाता म्यूल एकाउंट होने पर इनके खातों में राशि जमा होना पाई गई। पुलिस ने इन सभी जगहों से कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एक को पुलिस गिरफ्तार कर रतलाम ला रही है। इन्हें किया गिरफ्तार बिहार से गिरफ्तार कर ला रहे पुलिस की एक टीम अभी गुजरात के अहमदाबाद में तो दूसरी टीम बिहार में है। बिहार से 11वां आरोपी राजेश कुमार पिता राजप्रसाद सिंह ग्राम अंबारी थाना रघुनाथपुर जिला सिवांग बिहार से गिरफ्तार कर रतलाम ला रही है। एसपी का कहना है कि इसमें अभी और आरोपी बढ़ेंगे। म्यूल सीम व म्यूल खाते का उपयोग एसपी के अनुसार ठगों ने म्यूल सीम व म्यूल खातों का उपयोग कर इस ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। सिग्नल एप के अलावा ठग टेलिग्राम व वाट्सएप वीडियो कॉल भी करते थे। अभी तक जो आरोपी पकड़े गए है उन्हें कमीशन के तौर पर जितनी राशि जमा होती थी उसका 5 से 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। चार जगहों से मिली है लिंक इस पूरे गिरोह में कश्मीर, गुजरात, बिहार, मध्यप्रदेश, आसाम, यूपी व कंबोडिया के लोग की कड़ी पुलिस को मिली है। जिनके खातों में रुपए गए वह 12वीं तक पढ़े हुए है। ठग ने बना रखा एनजीओ एसपी के अनुसार पुलिस द्वारा पकड़े गए उत्तरप्रदेश के गोरखपुर के अमरेंद्र मौर्य व बिहार से पकड़ कर ला रहे राजेश कुमार मास्टमाइंड है। अमरेंद्र ने एक एनजीओ आई टच के नाम से बना रखा है। इसी एनजीओ के बैंक खाते में फ्रॉड की राशि जमा होती है।


