जिले में शीतलहर शीत- घात के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने इससे बचने के लिए एडवाइजरी जारी के लोगों को इससे सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके तहत जिला प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे बराबर स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के लिए रेडियो, टीवी, समाचार पत्र जैसे सभी मीडिया प्रकाशन का ध्यान रखें, ताकि यह पता चल सके कि आगामी दिनों में शीत लहर की संभावना है या नहीं। ये सावधानियां रखने को कहा सर्दियों लिए पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें। कपड़ों की कई परतें अधिक सहायक होती है। आपातकालीन आपूर्ति जैसे भोजन, पानी, ईंधन, बैटरी, चार्जर, आपातकालीन प्रकाश, और साधारण दवाएं तैयार रखें। घर में ठंडी हवा के प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों तथा खिड़कियों को ठीक से बंद रखे। फ्लू, जुकाम (नजला) जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना आमतौर पर ठंड में लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती है। इस तरह के लक्षणों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतें तथा चिकित्सक से परामर्श करें। शीत-घात के दौरान ऐसी रखें दिनचर्या: मौसम की जानकारी तथा आपातकालीन प्रक्रिया की जानकारी का बारीकी से पालन करें एवं शासकीय एजेंसियों की सलाह के अनुसार कार्य करें। जितना हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क को रोकने के लिए कम यात्रा करें। एक परत वाले कपडे की जगह ढीली फिटिंग वाले परतदार हल्के कपडे, हवा रोधी, सूती का बाहरी आवरण तथा गर्म ऊनी दस्ताने, भीतरी कपडे पहने। तंग कपडे खून के बहाव को रोकते हैं इनसे बचें। शरीर की गर्मी बनाये रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढके। अपने फेफड़ों को बचाने के लिए मुँह तथा नाक ढक कर रखें।


