आदेश-सुबह की तरह चले शाम की ओपीडी, स्थिति ऐसी…:जिला अस्पताल में आधे कमरों में ताले डीडी नगर अस्पताल में डॉक्टर गायब

ग्वालियर. लोगों को बेहतर उपचार मिल सके इसलिए शासन के आदेश हैं कि शाम की ओपीडी सुबह की तरह सुचारू चलनी चाहिए, लेकिन शाम की ओपीडी स्थिति बिगड़ी हुई है। गुरुवार को भास्कर रिपोर्टर ने जिला अस्पताल मुरार, दीनदयाल नगर अस्पताल, बिरला नगर प्रसूति गृह सहित मेले में सैलानियों के शुरू हुए अस्पताल का हाल देखा तो डॉक्टर गायब मिले, कमरो में ताल लगे थे। मेडिसिन विशेषज्ञों के कमरे में लगे थे ताले
गुरुवार को शाम 5:20 बजे जिला अस्पताल मुरार में मेडिसिन विशेषज्ञों के कमरे नंबर 105, 107 और 109 में ताले लगे हुए थे। ईएनटी, ऑर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी में डॉक्टर बैठे थे। इतना ही नहीं कुष्ठ रोग, मलेरिया विभाग, मलेरिया जांच कक्ष पर भी ताले लगे हुए थे।
मुरार जच्चाखाना: यहां मौजूद था स्टॉफ
जच्चाखाना मुरार में बच्चों की ओपीडी में डॉक्टर बैठे थे। जो मरीजों को देख रहे थे। वहीं गायनिक की ओपीडी में सिर्फ दो महिला डॉक्टर ही बैठी थीं। डीडी नगर: 20 मिनिट पहले ओपीडी बंद
दीनदयाल नगर अस्पताल में शाम 5:40 बजे कोई भी डॉक्टर नहीं था। मरीज के परिजन दवा वितरण केंद्र से दवा के लिए लाइन में लगे थे। जबकि यहां का स्टॉफ बाहर लकड़ी जलाकर तापने में लगा था। स्टाफ ने बताया कि ओपीडी शाम 5:40 बजे तक ही चलती है और डॉक्टर साहब कुछ देर पहले ही गए हैं।
बिरलानगर प्रसूतिगृह: 6 बजे आईं डॉक्टर
बिरला नगर प्रसूतिगृह में शाम 5:58 बजे कोई डॉक्टर नहीं था। स्टाफ नर्स ने बताया कि डॉक्टर अभी चली गई हैं। शाम 6:04 बजे डॉक्टर प्रसूतिगृह में आ गईं। मेले में सैलानी न हो परेशान, खोला अस्पताल, आधा स्टाफ गायब ग्वालियर मेले में दुकानदारों और मेले में आने वाले सैलानियों की सुविधा के लिए दुल्लपुर की डिस्पेंसरी को मेला परिसर में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां तीन शिफ्ट में स्टाफ पदस्थ किया गया है, ताकि 24 घंटे मरीजों को प्राथमिक इलाज की सुविधा मिल सके। मेले में बने इस शासकीय अस्पताल में भी पूरा स्टाफ नहीं आ रहा है। गुरुवार को सुबह 10:15 बजे जब रिपोर्टर जबह यहां पहुंचा तो डॉ.प्रियम गुर्जर और नर्सिंग ऑफिसर मधु दास ड्यूटी पर थीं। यहां नर्सिंग स्टाफ नीरजा पाल, लायकराम चौरसिया अनुपस्थित थे। हर बार कार्रवाई करेंगे लेकिन नहीं होता
स्वास्थ्य विभाग में जब भी किसी डॉक्टर के अस्पताल से गायब होने की बात की जाती है तो अधिकारी हर बार कार्रवाई करने की बात करते हैं, लेकिन आजतक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी का परिणाम है कि डॉक्टर ओपीडी से भी गायब रहते हैं। आेपीडी से अनुपस्थित स्टाफ को देंगे नोटिस
^शाम की ओपीडी का समय 5 से 6 बजे तक का है। शाम की ओपीडी में सभी चिकित्सकों को उपस्थित रहना अनिवार्य है। अगर कोई अनुपस्थित है तो उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
-डॉ. सचिन श्रीवास्तव, सीएमएचओ

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