राष्ट्रपति से बाड़मेर कलेक्टर को मिला अवार्ड विवादों में:आंकड़ों में गड़बड़ी का दावा; टीना डाबी बोलीं- JSJB और CTR अलग-अलग, जांच करवा रहे हैं

जल संरक्षण में राष्ट्रपति की ओर से बाड़मेर कलेक्टर को मिला 2 करोड़ रुपए का अवॉर्ड विवादों में आ गया है। अवॉर्ड को दिल्ली में बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी ने लिया था। लेकिन अब विभाग के दावों को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल खड़े हुए हैं, जिसमें गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया है कि बाड़मेर की ओर से आंकड़ों में हेराफेरी की गई और एक ही फोटो को कई कामों में यूज कर पेश किया गया। मामला सामने आने के बाद बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी ने मंगलवार शाम को प्रेसवार्ता की। इसमें सफाई देते हुए सवाल उठाने वाली पोस्ट को भ्रामक और फर्जी बताया है। जल संरक्षण संरचनाओं के लिए मिला था अवॉर्ड
बाड़मेर जिले को जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम के तहत 79 हजार से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण और जन भागीदारी के लिए प्रथम पुरस्कार मिला था। यह सम्मान 18 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किया थाl अवॉर्ड के दौरान 2 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी गई थी। उनके अनुसार- पुरस्कार का आधार जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम के पोर्टल पर ब्लॉक और जिला स्तर पर सत्यापित किए गए आंकड़े और फोटो हैं। कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि बाड़मेर जिले को जल संचय जन भागीदारी प्रोग्राम है। इसके तहत पुरस्कार महामहिम राष्ट्रपति की ओर मिला था। पानी इकट्‌ठा करने की दिशा में 2 करोड़ रुपए की राशि भी अवॉर्ड के रूप में मिली थी। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर जो पोस्ट लिखी गई है, वह भ्रामक लिखी गई है। सोशल प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट हमारे संज्ञान में आई है, जिसमें स्क्रीन शॉर्ट लगाए गए है। पोस्ट में काम और फोटो को लेकर सवाल खड़े किए गए है। साथ ही दावा किया है कि अलग-अलग काम पर एक ही फोटो प्रदर्शित करके ज्यादा काम दिखाएं गए हैं। कलेक्टर बोलीं- 2 प्रोग्राम, दोनों अलग- अलग, इसलिए पोस्ट भ्रामक
विवाद पर सफाई देते हुए जिला कलेक्टर टीना डाबी ने कहा- 6 सितंबर 2024 को जल संचय जन भागीदारी प्रोग्राम गुजरात के सूरत में पीएम नरेंद्र मोदी जल संचय जन भागीदारी प्रोग्राम की शुरूआत की थी। मैंने प्रोग्राम के साथ सब प्रोग्राम शुरू किया था। सोशल मीडिया पर जो फोटोग्राफ चल रहे है, वह जलशक्ति अभियान पोर्टल के है। जबकि जिस पर हमें पुरस्कार मिला है, वो जल संचय जन भागीदारी है। बिना आधार के दोनों को लिंक किया जा रहा है। धोरीमन्ना, चौहटन और बाड़मेर ग्रामीण अपलोड फोटो चेक करवाए जा रहे
जल शक्ति अभियान के तहत कैच द रेन (JSA-CTR) पोर्टल के स्क्रीनशॉट दिखाकर दावा किया गया कि अपलोड फोटो डुप्लीकेट या फर्जी हैं। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने स्पष्ट किया कि JSJB (जल संचय जन भागीदारी) और CTR दो पूरी तरह अलग पोर्टल और कार्यक्रम हैं। कैच द रन पोर्टल में हमारे तीन ब्लॉक धोरीमन्ना, चौहटन और बाड़मेर ग्रामीण बीडीओ उनके अंडर वाले कर्मचारियों की ओर से अलग-अलग काम में एक ही फोटो अपलोड कर दी गई है। ऐसा पकड़ में आया है, उसे हमें चैक करवा रहे हैं। अगर उसमें कोई गलत फोटो अपलोड किया गया है, तो बीडीओ से उसे ठीक करवाया जाएगा, जो अधिकारी और कर्मचारी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। बता दें कि JSJB पर दिखाए गए आंकड़ों के अनुसार अवॉर्ड के दौरान बाड़मेर में CTR के पूरे हुए काम 79055 और प्रगतिरत काम 12477 बताए गए थे। कुल 91532 काम थे।

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