डल्लेवाल पर सुप्रीम कोर्ट AIIMS का ओपिनियन लेगा:सारी मेडिकल रिपोर्ट मंगाईं; पंजाब सरकार ने पहले सेहत में सुधार, फिर स्टेबल बताया

51 दिन से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत डल्लेवाल के सेहत के बारे में सुप्रीम कोर्ट ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (AIIMS) यानी एम्स का ओपिनियन लेगा। बुधवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से डल्लेवाल की अब तक की मेडिकल जांच की सारी रिपोर्ट मांग ली हैं। इससे पहले सुनवाई के बीच पंजाब सरकार ने पहले डल्लेवाल की हालत में सुधार की बात कही लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में पूछा तो कहा कि उनकी हालत स्थिर है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की बैंच के सामने पंजाब सरकार की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि डल्लेवाल को लेकर प्रोग्रेस हो रही है। हमारी टीम उनसे सिर्फ 10 मीटर की दूरी पर है। इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने पूछा कि आप कह रहे हैं कि उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। डॉक्टर वहां पर हैं। इस पर कपिल सिब्बल ने जवाब दिया कि डल्लेवाल ने हमें ब्लड टेस्ट करने की इजाजत दे दी है। इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि कुछ लोग उन (डल्लेवाल) पर प्रेशर डाल रहे हैं कि वह इसका बात का विरोध नहीं करेंगे कि उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। तब सिब्बल ने स्पष्ट किया कि उनकी सेहत में सुधार नहीं हो रहा बल्कि पंजाब के चीफ सेक्रेटरी के एफिडेविट के मुताबिक उनकी स्थिति स्थिर है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार से डल्लेवाल की सेहत से जुड़ी पहले और अब की तुलनात्मक रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी। खनौरी बॉर्डर पर काले कपड़े पहने 111 किसानों ने भूख हड़ताल शुरू की है। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। डल्लेवाल को पानी पीने में दिक्कत आ रही है। वह जितना भी पानी पीते हैं, वह तुरंत उल्टी के जरिए बाहर आ जाता है। मंगलवार को पटियाला से आई सरकारी डॉक्टरों की टीम ने डल्लेवाल की जांच की थी। शंभू बॉर्डर पर कल दोपहर 12:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस
फसलों पर MSP गारंटी कानून और अन्य किसानी मुद्दों पर रणनीति तैयार करने के लिए पंजाब भाजपा की आज चंडीगढ़ में बैठक होगी। जानकारी के अनुसार, शंभू बॉर्डर पर कल दोपहर 12:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसमें आगामी रणनीति की घोषणा की जा सकती है। पुलिस के अधिकारी आज खनौरी मोर्चे पर पहुंचे
हरियाणा पुलिस के अधिकारी आज खनौरी मोर्चे पर पहुंचे हैं। उन्होंने किसान नेताओं के साथ मीटिंग की है। साथ ही आज दोपहर जो 101 किसान मरणव्रत पर बैठने जा रहे हैं, उन्हें भी मनाने की कोशिश की जा रही है। दूसरी तरफ मरणव्रत पर बैठने जा रहे किसानों की सूची तैयार की जा रही है। पूरी तरह से फिट किसान ही मरणव्रत पर बैठेंगे। 18 जनवरी को मोर्चे की SKM के साथ मीटिंग
शंभू और खनौरी मोर्चे पर चल रहे संघर्ष के साथ आने वाले दिनों में संयुक्त किसान मोर्चा भी नजर आएगा। सोमवार (13 जनवरी) को पटियाला के पातड़ां में 3 मोर्चे के नेताओं की मीटिंग हुई थी। 18 जनवरी को एक और मीटिंग फिर पातड़ां में होगी। इसमें 26 जनवरी को होने वाले ट्रैक्टर मार्च को लेकर स्ट्रेटजी बनाई जाएगी। डल्लेवाल मामले की सुप्रीम कोर्ट में 8 सुनवाई, अब तक क्या-क्या हुआ… 1. 13 दिसंबर- तत्काल डॉक्टरी मदद दें
डल्लेवाल 26 नवंबर को अनशन पर बैठे थे। 13 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में आमरण अनशन को लेकर सुनवाई हुई। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और केंद्र सरकार से कहा कि डल्लेवाल को तत्काल डॉक्टरी मदद दें। उन्हें जबरन कुछ न खिलाया जाए। आंदोलन से ज्यादा उनकी जान जरूरी है। इसके बाद पंजाब के DGP गौरव यादव और केंद्रीय गृह निदेशक मयंक मिश्रा ने खनौरी पहुंच डल्लेवाल से मुलाकात की। 2. 18 दिसंबर- पंजाब सरकार को कुछ करना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार ने कहा कि डल्लेवाल को अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनसे भावनाएं जुड़ी हुई हैं। राज्य को कुछ करना चाहिए। ढिलाई नहीं बरती जा सकती। आपको हालात संभालने होंगे। 3. 19 दिसंबर- बिना टेस्ट 70 साल के आदमी को कौन ठीक बता रहा
पंजाब सरकार ने दावा किया कि डल्लेवाल की तबीयत ठीक है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि 70 साल का आदमी 24 दिन से भूख हड़ताल पर है। कौन डॉक्टर है, जो बिना किसी टेस्ट के डल्लेवाल को सही बता रहा है? आप कैसे कह सकते हैं डल्लेवाल ठीक हैं? जब उनकी कोई जांच नहीं हुई, ब्लड टेस्ट नहीं हुआ, ECG नहीं हुई। 4. 20 दिसंबर- अधिकारी अस्पताल में भर्ती करने पर फैसला लें
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डल्लेवाल की हालत रोज बिगड़ रही है। पंजाब सरकार उन्हें अस्पताल में शिफ्ट में क्यों नहीं कराती? यह उन्हीं की जिम्मेदारी है। यदि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है तो अधिकारी निर्णय लें। 5. 28 दिसंबर- केंद्र की मदद से अस्पताल में शिफ्ट करें यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के 20 दिसंबर के आदेश को लागू न करने को लेकर दायर अवमानना याचिका पर हुई। इसमें कोर्ट ने पंजाब सरकार को कहा कि पहले आप समस्या पैदा करते हैं, फिर कहते हैं कि आप कुछ नहीं कर सकते। केंद्र की मदद से उन्हें अस्पताल में शिफ्ट करें। इसमें किसानों के विरोध पर कोर्ट ने कहा कि किसी को अस्पताल ले जाने से रोकने का आंदोलन कभी नहीं सुना। यह आत्महत्या के लिए उकसाने जैसा है। किस तरह के किसान नेता हैं जो चाहते हैं कि डल्लेवाल मर जाएं? डल्लेवाल पर दबाव दिखता है। जो लोग उनका अस्पताल में भर्ती होने का विरोध कर रहे हैं, वे उनके शुभचिंतक नहीं हैं। 6. 31 दिसंबर को पंजाब सरकार ने 3 दिन की मोहलत ली
पंजाब सरकार ने कोर्ट को बताया कि 30 दिसंबर को पंजाब बंद था, जिस वजह से ट्रैफिक नहीं चला। इसके अलावा अगर केंद्र सरकार पहल करती है तो डल्लेवाल बातचीत के लिए तैयार हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार के समय मांगने के आवेदन को मंजूर कर लिया। 7. 2 जनवरी- हमने अनशन तोड़ने को नहीं कहा
कोर्ट ने कहा कि जानबूझकर हालात बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। हमने कभी अनशन तोड़ने को नहीं कहा। कोर्ट ने पंजाब सरकार को कहा कि आपका रवैया ही सुलह करवाने का नहीं है। कुछ तथाकथित किसान नेता गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं। इस केस में डल्लेवाल की एडवोकेट गुनिंदर कौर गिल ने पार्टी बनने की याचिका दायर की थी। इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “कृपया टकराव के बारे में न सोचें, हम किसानों से सीधे बातचीत नहीं कर सकते। हमने कमेटी बनाई है। किसानों से उसी कमेटी के जरिए बात करेंगे।” 8. 6 जनवरी- किसान मुलाकात के लिए तैयार
पंजाब सरकार ने कहा कि आंदोलन पर चल रहे किसान हाई पावर कमेटी से बातचीत के लिए तैयार हो गए हैं। इसके बाद अदालत ने इस मामले की सुनवाई 10 जनवरी तय की। हालांकि, 10 जनवरी को सुनवाई नहीं हो पाई।

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