राजधानी के कला प्रेमियों के लिए इन दिनों ‘आगाज’ नामक भव्य कला प्रदर्शनी व शिविर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 5 दिवसीय प्रदर्शनी का समापन 31 दिसंबर को होगा। इस आयोजन में देश के ख्याति प्राप्त मूर्तिकार धर्मजय कुमार की बनाई कांस्य प्रतिमाएं विशेष रूप से चर्चा बटोर रही हैं। पटना विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया इस्लामिया और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से शिक्षित धर्मजय कुमार समकालीन कला जगत के एक प्रतिष्ठित हस्ताक्षर हैं। उनकी कृतियां मुंबई की जहांगीर आर्ट गैलरी से लेकर दिल्ली की हुसैन आर्ट गैलरी तक प्रदर्शित हो चुकी हैं। राज्य स्तरीय स्वर्ण पदक विजेता धर्मजय की दो पाषाण प्रतिमाएं वर्तमान में रांची के ‘आड्रे हाउस म्यूजियम’ की शोभा बढ़ा रही हैं। प्रस्तुत प्रदर्शनी में उनकी चार प्रमुख कृतियां आधुनिकता और आध्यात्मिकता के संगम को जीवंत कर रही हैं।


