गुना |जमीन की असल मालिक की जगह दूसरी फर्जी महिला को सामने लाकर रजिस्ट्री कराए जाने के 2 मामलों में पुलिस ने 5 साल बाद आरोपियों को पकड़ा। खास बात यह है कि रजिस्ट्री के लिए ठगों ने जमीन की असल मालिक की हमनाम महिला को तलाशा। एक मामले में तो पति का नाम भी एक ही है। पकड़े गए आरोपियों में से एक ऐसा है, जो दोनों केस में गवाह के रूप में पेश हुआ। पहला मामला चांचौड़ा तहसील अंतर्गत जमीन का है। इसकी असल मालिक शांति बाई पत्नी नारायण सिंह बंजारा निवासी छोटी मुरैली की जमीन की रजिस्ट्री 2019 में हुई थी। इसमें पुलिस ने 2021 में जाकर मामला दर्ज किया। इस जमीन को आरोपी अमृतलाल पुत्र ज्वालादास अनेजा निवासी छिंदवाड़ा ने खरीदा था। इसमें जमीन की असली मालिक की हमनाम को खड़ा किया गया। उक्त महिला हरिपुर थाना आनंदपुर जिला विदिशा निवासी बताई जाती है। रजिस्ट्री की प्रक्रिया के दौरान गंगाराम तंबर व दुर्ग सिंह बंजारा बतौर गवाह पेश हुए। ऐसा ही एक मामला लीलाबाई पत्नी भंवरलाल बंजारा निवासी कचनारिया मंदाखेड़ी जिला राजगढ़ ने दर्ज कराया। उनकी जमीन चांचौड़ा तहसील के अंतर्गत मुरैला में है। इसकी फर्जी रजिस्ट्री 2020 में हुई। इसका प्रकरण भी एक साल बाद पुलिस ने दर्ज किया। इसमें जिस फर्जी लीलाबाई को खड़ा किया गया, वह भी ग्राम हरिपुर थाना आनंदपुर जिला विदिशा निवासी बताई जाती है। हालांकि उसके पति का नाम लालाराम बंजारा है। जबकि जमीन असल मालिक के पति का नाम भंवरलाल बंजारा है। इसके बावजूद रजिस्ट्री हो गई। यह जमीन पुनीत पुत्र अमृतलाल अनेजा द्वारा खरीदी गई। वहीं साक्षी के रूप में जीतू राजपूत व दुर्ग सिंह बंजारा दोनों निवासी ग्राम हरिपुर जिला विदिशा पेश हुए थे। फिलहाल पुलिस ने दोनों प्रकरणों में तीन आरोपियों शांति बाई, गंगाराम तंबर और दुर्ग सिंह बंजारा को गिरफ्तार किया है। इसमें दुर्गासिंह दोनों ही प्रकरण में आरोपी है।


