ओपीडी पर्ची होगी पेशेंट फ्रेंडली:अंग्रेजी के साथ हिंदी में बनेगी, प्रीस्क्रिप्शन के लिए मिलेगी ज्यादा जगह

सरकार अब मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में आउटडोर पर्ची को पेशेंट फ्रेंडली बनाने जा रही है। आगामी दिनों में मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पर्ची अंग्रेजी के साथ-साथ हिन्दी में होगी। साथ ही एक ही कागज पर पर्ची प्रिंट होने से हर वर्ष 4 करोड़ रुपए की बचत होगी। मेडिकल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार जयपुरिया व कावंटिया अस्पताल में ट्रायल के बाद पायलट प्रोजेक्ट के तहत एसएमएस अस्पताल में पेशेंट फ्रेंडली ओपीडी पर्ची सिस्टम लागू होगा। इसके बाद शहर के अन्य अस्पतालों सहित अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और कोटा में लागू होगा। प्रदेश में संचालित आरजीएचएस, मां योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में पात्र मरीज पर उस योजना का जिक्र ओपीडी पर्ची पर होगा। प्रदेश के अलावा मरीजों के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की पात्रता जांच करने का टूल उपलब्ध होगा, इससे मरीज की योजना में पात्रता जांच कर पैकेज क्लेम कर सकेगा। मरीज की जानकारी एवं भविष्य में इस्तेमाल के लिए आभा आईडी रजिस्ट्रेशन पर्ची पर अंकित किया जाना प्रस्तावित है। हर साल 12 करोड़ से अधिक पंजीकरण हर वर्ष करीब 12 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन पर्ची प्रिंट होती है। इसमें में 65 से 70 फीसदी जगह प्री-प्रिन्टेड एवं जनरेटेड फील्ड से भर जाती है। चिकित्सक को पर्ची पर सिर्फ 30 से 35 फीसदी स्थान ही प्रिस्क्रिप्शन लिखने के लिए मिलता है। अब 80 फीसदी जगह मिलेगी।

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