चूहाकांड के बाद एजाइल सिक्योरिटी एजेंसी को हटाकर जिस बीवीजी इंडिया लिमिटेड कंपनी को एमजीएम में सफाई व सुरक्षा का ठेका दिया गया, ये वही कंपनी है जिसे 2018 व 2019 में विदिशा, दतिया, शहडोल, सागर और ग्वालियर के मेडिकल कॉलेजों से गंभीर खामियों के चलते हटाया जा चुका है। अब इस कंपनी को ठेका देने पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, चूहाकांड के बाद हाईकोर्ट की सख्ती के चलते एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एमवायएच सहित अन्य अस्पतालों में एजेंसी बदलने की प्रक्रिया सितंबर 2025 में शुरू हुई थी। सफाई में लापरवाही को आधार बनाकर पुरानी एजेंसी एजाइल सिक्योरिटी को हटा दिया गया। वहीं एचएलएल इंफ्राटेक सर्विसेस लिमिटेड (हाइट्स) के जरिए नवंबर के अंतिम सप्ताह में शासन की अनुमति लिए बिना सफाई और सुरक्षा का जिम्मा सीधे बीवीजी इंडिया लिमिटेड को सौंप दिया गया। इंदौर एयरपोर्ट पर भी यही कंपनी सफाई का काम संभाल रही है और अक्टूबर में वहां भी एक यात्री ने चूहे के काटने की शिकायत की थी। इधर, दो महीने से वेतन नहीं मिलने से एक दिन पहले सफाई व सुरक्षा कर्मचारियों ने सुपर स्पेशिएलिटी और एमटीएच अस्पताल में हड़ताल कर दी थी। हालांकि समझाइश, आश्वासन के बाद कर्मचारी काम पर लौट आए थे। कंपनी का ठेका बदलने से उनका वेतन अटक गया। कंपनी का चयन पारदर्शी तरीके से किया गया मामले में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त तरुण राठी का कहना है कि एचएलएल भारत सरकार का उपक्रम है और कंपनी का चयन पारदर्शी तरीके से किया गया है। फिलहाल बीवीजी कंपनी को काम संभालने की जिम्मेदारी दे दी गई है।


