अजमेर में खादिम को चाकू मारा, सरिए-डंडे से किया हमला,VIDEO:खूनी संघर्ष में बदला दुकान का विवाद, एक जायरीन भी चोटिल, हमलावरों ने पहले भी दी धमकियां

अजमेर दरगाह परिसर में फूल और चादर की एक दुकान को लेकर दो पक्षों में चल रहा विवाद मंगलवार रात को खूनी संघर्ष में बदल गया। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के युवक पर धारदार हथियार, सरिए और बेसबॉल के बल्ले से हमला कर दिया। घायल युवक खादिम है और उसके साथ जायरीन भी थे। इनमें से एक जायरीन के भी चोट आई है। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। घायल सैयद तालिब हुसैन ने बताया कि वह मगरिब की नमाज के बाद जायरीन के साथ दरगाह से बाहर निकल रहा था। तभी उस पर तीन चार लोगों ने हमला कर दिया। उसे बेसबॉल के बल्ले, लोहे की रॉड और चाकू से हमला किया गया। वह जान बचाने के लिए मोहम्मदी गेस्ट हाउस में घुस गया लेकिन वहां भी आरोपियों ने उस पर हमला किया। तालिब का आरोप है कि हमलावरों ने उसे गले में चाकू मारने की कोशिश की लेकिन उसने हाथ से वार को रोक लिया। इसके बाद उसके पैर और चाकू से वार किए गए। हाथ में भी चोट आई है। उसके साथ मुंबई से आए जायरीन अजहर भी था, उसे भी पैर में चोट आई है। तालिब के भाई सैयद शारिब हुसैन ने बताया कि वह घर पर खाना खा रहा था। उसके पिता भी घर पर ही थे। तभी किसी ने फोन पर जानकारी दी की तालिब पर हमला हो गया है। मौके पर जाकर देखा तो तालिब लहूलुहान हालत में पड़ा था जिसे लेकर अस्पताल आए। दरगाह थाने के एएसआई गिरधारी लाल जेएलएन पहुंचे और तालिब के बयान दर्ज किए है। उन्होंने बताया कि पर्चा बयान कर लिया है। मामले की जांच की जाएगी। दरगाह कमेटी ने 1978 में की थी शॉप नं. 8 अलॉट तालिब के पिता सैयद गौसुल इस्लाम ने बताया कि 1978 में उसकी मां के नाम लंगरखाना मुसाफिर खाने के पास शॉप नंबर 8 अलॉट हुई थी। इसके बाद 1985 में मां का इंतकाल होने पर यह शॉप दरगाह कमेटी ने बड़ा बेटा होने के कारण उसके नाम की थी। दूसरा पक्ष दूर का रिश्तेदार है। रिश्तेदारी के चलते आपस में मिलकर शॉप चलाने की बात हुई। पिछले तीन साल से यह दुकान दूसरे पक्ष के सैयद अरबाब बालीवाला उर्फ नवेद, सैयद हुसैन चिश्ती और सैयद फाकिर चिश्ती चला रहे थे। जब उनकी बारी आई तो उन्होंने दुकान देने से इनकार कर दिया। गौसुल इस्लाम के मुताबिक इस मामले में 2022 में भी दूसरे पक्ष के लोगों के खिलाफ लीगल नोटिस दिया गया था। तब बैठक में तय हुआ था कि दोनों पक्ष बारी बारी से दुकान चलाएंगे। लेकिन यह लोग नहीं माने और बार बार धमकियां देते रहे। आरोप है कि इस मामले में 27 जून, 20 नवंबर और 17 दिसंबर को एसपी, कलेक्टर को शिकायत भी दी थी। जान से मारने की धमकियां दी थी उसकी रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

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