कोटा स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में देशभर में एक नई मिसाल कायम की है। हार्टवाइज सोसायटी की पहल पर कोटा देश का पहला ऐसा शहर बनने जा रहा है, जहां सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में जीवन बचाने के लिए ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (एईडी) मशीनें लगाई जाएंगी। इन मशीनों के जरिए आम नागरिक भी सीपीआर और एईडी का उपयोग कर मरीज की जान बचा सकेंगे। पुरुषार्थ भवन में हार्टवाइज सोसायटी के ‘सेव ए हार्ट’ कार्यक्रम के तहत आयोजित 100वें सीपीआर सेशन में इस ऐतिहासिक पहल की घोषणा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित होने वाली एईडी मशीनों का लोकार्पण किया। कोटा में पहले चरण में शहर के पांच प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर एईडी लगाए जाएंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा जिस क्षेत्र में कार्य करता है, उसमें श्रेष्ठता साबित करता है। स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में हार्टवाइज सोसायटी के प्रयास सराहनीय हैं। सीपीआर को लेकर कोटा की जागरूकता देश के लिए उदाहरण है और सार्वजनिक स्थानों पर एईडी की स्थापना से कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकेंगी। हार्टवाइज सोसायटी के संयोजक डॉ. साकेत गोयल ने बताया कि बढ़ते हृदयाघात के मामलों को देखते हुए एम्बुलेंस के पहुंचने से पहले त्वरित हस्तक्षेप बेहद जरूरी है। सोसायटी का उद्देश्य ‘चेन ऑफ सर्वाइवल’ को मजबूत करना है, ताकि आम नागरिक समय पर सीपीआर और एईडी की मदद से जीवन बचा सके। उन्होंने बताया कि अब तक हार्टवाइज के 100 सीपीआर सेशनों में 20 हजार से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
कार्यक्रम में सीपीआर देकर सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की जान बचाने वाले जीवन रक्षकों और सीपीआर ट्रेनर्स का सम्मान भी किया गया। इसके साथ ही हार्टवाइज की ओर से 17 वर्षीय सौम्य गोयल को सबसे युवा सीपीआर ट्रेनर का पुरस्कार दिया गया।


