जेवरतला रोड| महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टटेंगा में शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के उन्मूलन हेतु जागरूकता फैलाना था। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य आरके देवांगन ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है। कानूनी रूप से प्रतिबंधित होने के बावजूद प्रतिवर्ष लाखों लड़कियों और लड़कों का विवाह कम उम्र में हो जाता है, जिसके गंभीर सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक दुष्परिणाम सामने आते हैं। देश एवं प्रदेश की उन्नति के लिए इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना आवश्यक है। कार्यक्रम में व्याख्याता अजय पाठक ने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि बाल विवाह को केवल सामाजिक जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही समाप्त किया जा सकता है।


