गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बुधवार को वर्ष 2025 की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गिरिडीह पुलिस ने कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण, नक्सल उन्मूलन, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। एसपी ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में जिले में कुल 3828 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 3934 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। यह आंकड़ा पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है, जिसने न केवल अपराध दर्ज किए बल्कि समयबद्ध कार्रवाई कर उन्हें अंजाम तक पहुंचाया। अवैध हथियार और भारी मात्रा में देशी-विदेशी शराब बरामद की गई नशा विरोधी अभियानों के तहत एनडीपीएस एक्ट के कई मामलों में तस्करों को गिरफ्तार किया गया और ब्राउन शुगर, गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की बड़ी खेप जब्त की गई। आर्म्स एक्ट और उत्पाद अधिनियम के अंतर्गत चलाए गए विशेष अभियानों में भी अवैध हथियार और भारी मात्रा में देशी-विदेशी शराब बरामद की गई। साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने दर्जनों साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, नकदी और विभिन्न साइबर उपकरण बरामद किए गए। नक्सल विरोधी अभियानों के मोर्चे पर वर्ष 2025 ऐतिहासिक रहा। एसपी ने बताया कि नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। इस दौरान कई सक्रिय नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई, जबकि कुछ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया। इनामी तीन कुख्यात माओवादी नक्सली मुठभेड़ में मारे गए 14 सितंबर 2025 को गिरिडीह पुलिस और 209 कोबरा बटालियन की संयुक्त कार्रवाई में एक करोड़, 25 लाख और 10 लाख रुपये के इनामी तीन कुख्यात माओवादी नक्सली मुठभेड़ में मारे गए। घटनास्थल से तीन एके-47 राइफल, 344 राउंड गोली और आठ मैगजीन बरामद की गईं। इस सफल कार्रवाई के बाद जिले में नक्सल गतिविधियां काफी कमजोर हुई हैं। एसपी ने विश्वास व्यक्त किया कि गिरिडीह अब नक्सल-मुक्त क्षेत्र की ओर तेजी से अग्रसर है। इसके अतिरिक्त, कोयला, बालू और पत्थर के अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। इन कदमों से न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत हुई, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला।


