निवाड़ी जिला अस्पताल में प्रसूति महिलाओं को दिए जाने वाले भोजन में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। एसडीएम के निरीक्षण में अस्पताल में गंदगी, अव्यवस्था और महिलाओं के पोषण आहार में कटौती का मामला उजागर हुआ है। कलेक्टर के निर्देश पर निरीक्षण कलेक्टर जमुना भिड़े के निर्देश पर एसडीएम मनीषा जैन और तहसीलदार जगदीश रंधावा ने जिला अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। अस्पताल की स्थिति देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। रसोई में पोषण आहार नहीं मिला निरीक्षण के दौरान प्रसूति महिलाओं के लिए बनी रसोई में सब्जी, लड्डू, मेवा और दूध जैसे पोषण आहार नहीं मिले। महिलाओं को केवल दाल-रोटी दी जा रही थी, वह भी दोपहर 12 बजे तक उपलब्ध नहीं कराई गई थी। हैरानी की बात यह रही कि स्टोर रूम में राशन मौजूद था, लेकिन महिलाओं तक नहीं पहुंच रहा था। वार्ड और लेबर रूम में मिली गंदगी अस्पताल के वार्ड, एनआरसी और लेबर रूम में गंदगी पाई गई। लेबर रूम की नाल में पानी नहीं था। वाटर कूलर का पानी भी गंदा मिला, जिसे तुरंत साफ करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने जताई नाराजगी एसडीएम मनीषा जैन ने अस्पताल प्रबंधन और बीएमओ आर.सी. मलारिया पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ-सफाई और सभी व्यवस्थाएं तुरंत सुधारने के निर्देश दिए। जब सब्जी की व्यवस्था को लेकर सवाल किया गया, तो बीएमओ ने बताया कि इसकी जिम्मेदारी अकाउंटेंट की है, जो उस समय बाहर गए थे। एनआरसी में सिर्फ एक बच्चा भर्ती निरीक्षण के दौरान एनआरसी कक्ष में केवल एक बच्चा भर्ती पाया गया। वहीं एनआईसी की रसोई में कोई भी खाद्य सामग्री नहीं थी। इसके अलावा अस्पताल की रसोई में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग भी नियमों के खिलाफ पाया गया। वहीं रसोई में खाना बना रही महिला ने बताया कि सब्जी और अन्य सामग्री के लिए पैसे ही नहीं दिए जाते, ऐसे में वह पूरी व्यवस्था कैसे करे। एसडीएम मनीषा जैन ने कहा- अस्पताल की व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


