शहर के जवाहर नगर थाना पुलिस ने 35 लाख रुपये की धोखाधडी के मामले में वांछित आरोपी को ट्रेसआउट कर गिरफ्तार किया है। 2 जनवरी को थाने पर फरियादी ने 35 लाख रुपये की धोखाधडी का प्रकरण में आरोपी रोहित पाण्डे व शीतल गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था।
जिला पुलिस अधीक्षक कोटा शहर डॉ. अमृता दुहन ने बताया की थाना जवाहर नगर मे 35 लाख रुपये की धोखाधडी के प्रकरण में वांछित मुलजिमानो को ट्रेसआउट कर गिरफ्तार करने में जवाहर नगर थानाधिकारी रामलक्ष्मण गुर्जर के नेतृत्व में टीम का गठित किया। वारदात को आरोपी ने परिवादी के मोबाईल पर फेसबुक, व्हाटसएप सोशल मिडिया से सम्पर्क कर बच्चे की बिमारी का बहाने और पिताजी की मृत्यु होना अलग अलग बहाने लगाकर पैसे खातो मे डलवाए। परिवादी को अपनी जमीन बिक जाने पर पैसे लौटने का लालच देकर 1500/- रुपये की मदद मांगते मांगते 06 महिने के अन्दर 35 लाख रुपये अपने खातो मे डलवा लिये। परिवादी के रुपये वापस मांगने पर झूठे मुकदमे मे फंसाने की धमकी दी। 35 लाख रुपये धोखाधडी कर हडप लिये । आरोपी इतने शातिर है कि जिन्होने अपनी उपस्थिति गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश मे घुमते रहे। ताकि पुलिस को आसानी से ट्रेसआउट नही हो सके। मुल्जिमों ने अपने मोबाईल भी घर से 03 कि.मी दुर टापरी में छिपाकर रख रखे थे। अगर पुलिस उन तक पहुंचती है तो समय पर फरार हो सके। मुल्जिमो ने अपने बैंक खातो से पैसे कुछ नगद निकलवा लिये। कुछ पैसे अपने मिलने वालो को डालकर निकलवा लिए। पुलिस ने कार्यवाही करते हुए। आरोपी के बैंक खातो मे 8 लाख 67 हजार रुपये होल्ड करवाए। थानाधिकारी थाना जवाहर नगर रामलक्ष्मण गुर्जर ने बताया कि एक विशेष टीम गठित की गई। गठीत टीम द्वारा मेहनत व लगन से काम करते हुये आसुचना संकलन, तकनीकी सहायता व साईबर सैल व टीम द्वारा अपने पुराने अनुभव के आधार पर मुल्जिम रोहित (30) थाना बरुच जिला बरुच गुजरात से डिटेन कर गिरफ्तार किया गया। मुलजिम रोहित पाण्डे से पुछताछ कर 3 लाख रुपये को बरामद किया गया। शेष राशि को बरामद करने के लिए जांच जारी है। गठित टीम में गोपाल लाल उपनिरीक्षक, अजय सिंह हैड कानिस्टेबल (साईबर सैल कोटा शहर), धर्मेन्द्र कानिस्टेबल, भागीरथ, राकेश, जीतराम, मोनिका कुमावत महिला कांस्टेबल (थाना गुमानपुरा)
इस मामले में आरोपी को पकड़ने में विशेष भुमिका धर्मेन्द्र कानिस्टेबल की रही।


