जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस विभाग ने अपने एक साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। जिला पुलिस अधीक्षक ने अपराध नियंत्रण, सामाजिक सरोकार और प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि सड़क हादसों और अपराधों पर नियंत्रण के लिए कई पहल की गई। सड़क सुरक्षा के प्रति स्कूल, कॉलेज और आम नागरिकों को जागरूक किया गया। इस दौरान लगभग 2200 हेलमेट भी वितरित किए गए। सबरिया समाज को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल कच्ची शराब के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के साथ-साथ सबरिया समाज के लोगों को इस धंधे से बाहर निकालने की विशेष पहल की गई है। उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल के तहत युवाओं को हैंड वॉश, कार वॉश, सैनिटाइज़र और टॉयलेट क्लीनर जैसे घरेलू उपयोगी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण मिला है। इन उत्पादों को अब बाजार में लॉन्च करने की तैयारी चल रही है। सबरिया समाज को स्वरोजगार से जोड़ना पुलिस अधीक्षक ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को अपराध से दूर कर सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना है। सबरिया समाज के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में सड़क हादसा, चोरी, अपहरण और हत्या जैसे अपराधों के आंकड़ों में वृद्धि दर्ज हुई है। इसका मुख्य कारण ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से अपराधों का पारदर्शी पंजीयन और थाना प्रभारियों द्वारा किसी भी मामले को छिपाने के बजाय फ्री रजिस्ट्रेशन को अपनाना है। कुल मिलाकर, जांजगीर-चांपा पुलिस का यह साल अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सामाजिक सुधार और जनसरोकार की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


