मध्य प्रदेश शासकीय शिक्षक संगठन ने अध्यापक संवर्ग से आए शिक्षकों की सेवा अवधि और ग्रेच्युटी की गणना नियुक्ति दिनांक से करने की मांग की है। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने बताया कि नवीन शिक्षक संवर्ग की सेवा शर्तों में व्याप्त विसंगतियों के कारण शिक्षकों को कई सेवा शर्तों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग नवीन शिक्षक संवर्ग (अध्यापक) को क्रमोन्नति, पदोन्नति में सेवा अवधि की गिनती प्रथम नियुक्ति दिनांक से मान्य कर रहा है, पर सेवा अवधि और ग्रेच्युटी की गणना साल 2018 से कर रहा है। इस साल शिक्षकों की नियुक्ति राज्य शिक्षा सेवा में हुई है। वहीं जुलाई 2023 के पहले रिटायर या मृत शिक्षकों को ग्रेज्युटी एवं अन्य सेवा शर्तों का लाभ नहीं दिया जा रहा है। क्योंकि ग्रेज्युटी के लिए कम से कम 5 वर्ष की सेवा अवधि अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि नवीन शिक्षक संवर्ग में नियुक्त अध्यापकों को 24 वर्ष की सेवा अवधि पर क्रमोन्नति, पदोन्नति में पिछले सेवा अवधि का लाभ वर्ष 1998 से दिया जा रहा है, लेकिन ग्रेज्युटी एवं अन्य सेवा शर्तों में उक्त सेवा अवधि को मान्य नहीं करना कहां का नियम है। संगठन ने मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री एवं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि जिस प्रकार क्रमोन्नति, पदोन्नति के लिए नवीन शिक्षक संवर्ग को उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता दी जा रही है, वैसे ही ग्रेज्युटी एवं अन्य सेवा स्वत्वों के लिए भी सेवा अवधि की गणना मान्य की जाए।


