मैहर जिले में अत्याचार से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए किए जा रहे कामों की समीक्षा बैठक की गई। बुधवार को कलेक्टर रानी बाटड की मौजूदगी में हुई जिला स्तरीय मीटिंग में बताया गया कि विशेष कानून (एट्रोसिटी एक्ट) के तहत 108 जरूरतमंदों को कुल 1 करोड़ 1 लाख 25 हजार रुपए की मदद मंजूर की गई है। इसमें से 58 लोगों के बैंक खातों में 48 लाख 25 हजार रुपए पहले ही भेजे जा चुके हैं। अफसरों ने बताया कि 1 जनवरी से 30 नवंबर 2025 के बीच अनुसूचित जाति के 38 मामलों में 30 लाख रुपए और अनुसूचित जनजाति के 35 मामलों में 18 लाख 25 हजार रुपए दिए जा चुके हैं। बाकी बचे 51 मामलों के लिए 53 लाख रुपए के बजट की मांग सरकार से की गई है। अच्छी बात यह है कि जिले में फिलहाल ऐसी कोई जगह नहीं है जिसे सुरक्षा के लिहाज से बेहद नाजुक या खतरनाक माना जाए। एक हत्या के मामले में 8 लाख की मदद की जिले में हुई एक हत्या के मामले में प्रशासन ने पीड़ित परिवार को 8 लाख 25 हजार रुपए की एकमुश्त मदद दी है। इसके साथ ही परिवार का खर्च चलाने के लिए हर महीने 22,500 रुपए का गुजारा भत्ता भी तय किया गया है। मृतक की पत्नी को सरकारी स्कीमों के जरिए खुद का काम शुरू करने में मदद की गई है और उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का बंदोबस्त भी किया गया है। पुलिस केस और कोर्ट-कचहरी की स्थिति कानूनी कार्रवाई की बात करें तो इस साल अब तक थानों में कुल 92 केस दर्ज हुए हैं, जिनमें से 57 मामलों में पुलिस ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। कोर्ट में फिलहाल कुल 246 मामले चल रहे थे, जिनमें से 17 का फैसला हो चुका है। इन 17 में से 5 मामलों में मुजरिमों को सजा मिली है, जबकि 229 मामलों की सुनवाई अभी भी कोर्ट में चल रही है। गांव-गांव में अधिकारियों की जानकारी देने के निर्देश कलेक्टर रानी बाटड ने निर्देश दिए हैं कि जिला स्तर की तरह ही तहसील लेवल पर भी बड़े अधिकारी नियमित रूप से बैठकें लें। साथ ही, आम लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देने के लिए जनवरी के महीने में सभी थानों में जागरूकता कैंप लगाने को कहा गया है। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल सहित पुलिस और प्रशासन के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे।


