IIT-BHU गैंगरेप पीड़िता के प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान:डॉक्टर ने कोर्ट में दिया बयान; आरोपियों की पहचान करने दोस्त नहीं पहुंचा

IIT-BHU गैंगरेप मामले में डॉक्टर अनामिका शुक्रवार दोपहर कोर्ट में पेश हुईं। जज के सामने उन्होंने दो पेज के बयान दर्ज कराए। उनके बयान में कई अहम बातें सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि युवती के प्राइवेट पार्ट में इंटरनल चोट के निशान नहीं मिले। बाहर कुछ स्क्रेचेज मिले हैं। कोई शुक्राणु भी नहीं मिला। हां, रेप संबंधित हिंसा से इनकार नहीं कर सकते। कोर्ट ने 15 जनवरी को डॉक्टर को बयान देने के लिए तलब किया था। साथ ही रेप पीड़िता के दोस्त को भी आरोपियों को पहचाने के लिए बुलाया था। लेकिन, दोस्त आज भी आरोपियों की पहचान करने नहीं पहुंचा। पीड़िता ने बताया था- उसके साथ जबरदस्ती की गई। कपड़े जबरन फाड़ दिए गए। इसी के आधार में डॉक्टर ने पूरा परीक्षण किया और मेडिकल रिपोर्ट बनाई थी। अब पढ़िए डॉक्टर का हूबहू बयान… डॉक्टर ने कहा- मैंने युवती का परीक्षण करने के बाद 5 नवंबर, 2023 को सप्लीमेंटरी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें प्राइवेट पार्ट में आंतरिक चोट के निशान नहीं मिले। हां बाहरी निशान पाए गए हैं। प्राइवेट पार्ट में शुक्राणु भी नहीं मिले हैं। हालांकि, सेक्स से संबंधित हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता। यानी रेप अटेंप्ट से इनकार नहीं किया जा सकता। पीड़िता मेरे पास जब जांच के लिए आई, तो वह पूरी तरह होश में थी। 22 अगस्त को छात्रा ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे
अभियोजन की वकील बिंदू सिंह ने बताया- कोर्ट ने IIT-BHU गैंगरेप की सुनवाई तेज कर दी है। केस में सबसे पहले छात्रा को कोर्ट ने 22 अगस्त, 2024 को बुलाया था। तब पुलिस सुरक्षा में छात्रा को कोर्ट में पेश किया गया। अपने साथ हुई वारदात को छात्रा ने कोर्ट के सामने रखा। बताया कि तीनों आरोपियों ने दरिंदगी की, धमकाया और फिर फरार हो गए। घटना के बाद से कई तरह के दबाव महसूस कर रही है। बाहर आते-जाते डर लगता है, इसलिए अधिकांश समय हॉस्टल में रहती हूं। 8 महीने बाद ट्रायल, 12 बार जिरह में तलब
जिला एवं सत्र न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट में 18 जुलाई, 2024 से ट्रायल शुरू हुआ था। इस सुनवाई के दौरान छात्रा ने अपना बयान 22 अगस्त तक दर्ज कराया। इसी बीच आरोपियों को जमानत मिल गई। आरोपियों की मौजूदगी में जुलाई से दिसंबर तक छात्रा को 12 बार कोर्ट में तलब किया जा चुका है। कोर्ट उससे 8 बार जिरह कर चुकी है। वहीं 4 बार अलग-अलग कारणों से वह नहीं आ सकी। कभी आरोपियों की ओर से अपील तो कभी अगली तारीख, इन सब के बीच अब तक उसके बयान पर जिरह पूरी नहीं हो सकी है। पहले आनंद फिर कुनाल और सक्षम की हो चुकी रिहाई
वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद सबसे पहले आरोपी आनंद ने 11 नवंबर, 2023 को जमानत याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। आनंद ने घर वालों की बीमारी समेत कई कारण बताए थे। इस पर कोर्ट ने 2 जुलाई, 2024 को जमानत दे दी। आनंद को जमानत मिलते ही दूसरे आरोपी कुणाल ने भी 2 जुलाई, 2024 को हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। 4 जुलाई को कोर्ट ने उसे भी जमानत मिल गई। 4 जुलाई को ही तीसरे आरोपी सक्षम पटेल ने जमानत अर्जी दाखिल की, लेकिन गैंगस्टर में आपत्ति दाखिल हो गई। कमजोर रिपोर्ट और अभियोजन की बहस भी फीकी रही और मजबूत आधार नहीं होने के चलते सक्षम पटेल को बाद में जमानत मिली। ———————– यह खबर भी पढ़िए… बरेली में पाकिस्तानी महिला बन गई सरकारी टीचर, 9 साल तक नौकरी की, फर्जी निवास प्रमाण-पत्र बनवाया; ऐसे ही मां भी पकड़ी गई थी बरेली में पाकिस्तानी महिला 9 साल तक सरकारी टीचर की नौकरी करती रही। उसने फर्जी निवास प्रमाण-पत्र बनवाया। प्राइमरी स्कूल में सहायक टीचर की नौकरी हासिल कर ली। जांच के बाद टीचर को बर्खास्त कर दिया गया। पढ़िए पूरी खबर

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