आमला एयरफोर्स स्टेशन चंदन चोरी केस में पुलिस की चूक:कोर्ट ने आरोपियों को रिहा किया, आरोपियों को उनकी भाषा में नहीं बताया गिरफ्तारी का कारण

बैतूल आमला एयरफोर्स स्टेशन से चंदन के पेड़ चोरी के मामले में पुलिस की जांच में खामियां सामने आई हैं। न्यायालय ने आरोपियों की गिरफ्तारी को अवैधानिक मानते हुए उन्हें रिहा कर दिया। हालांकि, पुलिस का दावा है कि अदालत ने जमानत दी है, जबकि बचाव पक्ष का कहना है कि न्यायालय ने सीधे रिहाई का आदेश दिया है। यह मामला 16 नवंबर की रात का है, जब आमला एयरफोर्स स्टेशन की बाउंड्री ग्रिल काटकर चार चंदन के पेड़ चोरी किए गए थे। चोरी हुए चंदन की कीमत 60 से 70 हजार रुपये बताई गई थी। थाना आमला पुलिस ने इस आरोप में संदीप शेंडे, पिंटू नागले और संजय कवरेती को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने गिरफ्तारी का कारण नहीं बताया
पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार, घटना के बाद गठित टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद ग्राम पावल और वरुड क्षेत्र से तीनों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद आरोपियों के कब्जे से ग्राम कन्हडगांव के पास से चंदन की लकड़ी के पांच लठ्ठे और कटे टुकड़े बरामद किए गए। यह कार्रवाई थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर की टीम ने की थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता राजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस ने आरोपियों को उनकी भाषा में गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए और न ही लिखित रूप में दिए। न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि गिरफ्तारी की सूचना अभियुक्तों को कोर्ट में पेश करने से दो घंटे पहले तक नहीं दी गई थी। इसके अतिरिक्त, विवेचक ने गिरफ्तारी के ठोस आधार भी प्रस्तुत नहीं किए।चूंकि यह अपराध सात वर्ष से कम सजा वाला है, इसलिए अदालत ने ज्यूडिशियल रिमांड से इनकार करते हुए आरोपियों को रिहा कर दिया। दोबारा चाहे तो गिरफ्तार कर सकती है पुलिस
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस कानूनी औपचारिकताएं पूरी करती है, तो आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार कर सकती है।अधिवक्ता ने जोर देकर कहा कि अदालत ने गिरफ्तारी को अवैधानिक मानते हुए सीधे रिहाई का आदेश दिया है। वहीं, पुलिस अभी भी इस बात पर कायम है कि अदालत ने केवल जमानत दी है, रिहाई नहीं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *