मनावर स्थित टोंकी फाटा एक बार फिर चर्चा में है। मनावर-खलघाट स्टेट हाईवे 38 पर करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से किए गए चौड़ीकरण के बावजूद हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को एक और हादसा हो गया, जब खंडवा के मुंदी तापगृह से राख लेकर जा रहा एक ट्रक (MP 10 ZE 9027) तेज गति और लापरवाह ड्राइविंग के चलते टोंकी फाटे पर बने सीमेंट डिवाइडर से टकरा गया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। इस मार्ग की स्थिति चिंताजनक है। 40 किलोमीटर लंबी इस सड़क की चौड़ाई मात्र 7 मीटर है, जो दो बड़े वाहनों के आवागमन और ओवरटेकिंग के लिए अपर्याप्त है। क्षेत्र में दो बड़े सीमेंट उद्योग होने के कारण प्रतिदिन गुजरात और महाराष्ट्र की ओर लगभग 500 भारी वाहनों का आवागमन होता है। इसके अलावा करीब 100 यात्री बसें और अनगिनत छोटे वाहन भी इस मार्ग का उपयोग करते हैं। जयस के राष्ट्रीय संरक्षक और विधायक डॉ. हीरालाल पांच वर्षों से मनावर-खलघाट-धार रोड को फोरलेन बनाने और मनावर बाइपास के निर्माण की मांग कर रहे हैं। मनावर यातायात प्रभारी बंशीलाल कन्नौजे ने बताया कि वे नियमित रूप से तीनों मार्गों पर वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई कर रहे हैं और आगे नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।


