भास्कर संवाददाता | गुना आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के सानिध्य में शांतिनाथ दिगंबर जैन पुण्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र बजरंगगढ़ में दो दिवसीय भव्य महा महोत्सव का शुभारंभ बुधवार को वार्षिक तीर्थ वंदना पदयात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर गुना से बजरंगगढ़ तीर्थ तक विशाल धर्म प्रभावना पदयात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्मिलित हुए। पदयात्रा का शुभारंभ बुधवार दोपहर चौधरी मोहल्ला स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन संत शाला से हुआ। यात्रा में आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के शिष्य निर्यापक मुनिश्री शिवदत्त सागर महाराज एवं मुनिश्री पदम दत्त सागर महाराज ने भी श्रद्धालुओं के साथ पैदल विहार कर धर्म प्रभावना का संदेश दिया। भजन, जयकारों और मंगल ध्वनि के साथ पदयात्रा शाम लगभग 4 बजे बजरंगगढ़ पहुंची। आरोन टोल नाके के पास आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ससंघ एवं गुना गौरव मुनिश्री सुदत्त सागर महाराज की भव्य अगवानी की गई। इस दौरान मुनि संघ के मिलन का दृश्य अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक रहा, जिसे देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरे तीर्थ क्षेत्र में धर्ममय वातावरण छा गया। इस राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक आयोजन ने न केवल बजरंगगढ़ तीर्थ की महिमा को और बढ़ाया, बल्कि क्षेत्र को आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया। दो दिवसीय महा महोत्सव में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से और गरिमा और अधिक बढ़ गई। तीर्थ क्षेत्र कमेटी के अध्यक्ष एसके जैन एवं मंत्री प्रदीप जैन ने बताया कि निर्यापक मुनिश्री सुधा सागर महाराज के आशीर्वाद से बजरंगगढ़ के इतिहास में पहली बार विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार रात्रि 8 बजे से 108 मंडलों पर 108 परिवारों द्वारा श्री भक्तामर के 48 काव्यों के माध्यम से 48 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। भजनों की मधुर धुनों के बीच भक्त नाचते-गाते 2025 को विदाई देंगे और रात्रि 12 बजे भगवान शांतिनाथ की महाआरती के साथ नववर्ष 2026 का स्वागत होगा।


