उम्मीदों का नया शहर:527 बेड की मेडिसिन विंग इस साल जनता को समर्पित की जाएगी

संभाग के सबसे बड़े प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल परिसर में नई मेडिसिन विंग नव वर्ष में जनता को सम​र्पि​त होगी। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 527 बेड की यह सबसे बड़ी मेडिसिन विंग है, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। पीबीएम परिसर में 76 हजार स्क्वायर फीट में चार मंजिला इस बिल्डिंग का निर्माण एरिया 3.10 लाख स्क्वायर फीट है। सरकारी क्षेत्र में ऐसी पहली मेडिसिन विंग है, जिसमें मरीजों के लिए 527 बेड के साथ ही सैनिकों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। बिल्डिंग में 232 आधुनिक टॉयलेट हैं, जिनमें इमरजेंसी बेल भी है। किसी मरीज को अचानक कोई समस्या आए तो वह बेल बजा कर अटेंडेंट बुला सकेंगे। योगा-व्यायाम के लिए 4 हजार स्क्वायर फीट जगह अलग से रखी गई है। पूरी बिल्डिंग को धूम्रपान निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है। गलती से भी किसी व्यक्ति ने बीड़ी या सिगरेट जलाई तो अलार्म बज उठेगा। बिल्डिंग की निगरानी 165 सीसीटीवी कैमरों से होगी। इसके लिए ग्राउंड फ्लोर पर कंट्रोल रूम और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी लगाया गया है। नई मेडिसिन बिल्डिंग में ये सुविधाएं जनरल वार्ड 9, 3आईसीयू 20 बेड, 1 आइसोलेशन वार्ड 9 बेड, सिंगल बेड कॉटेज 39, डबल एंड थ्री बेड कॉटेज 14, 1 कैदी वार्ड 11 बेड, 1 आर्मी वार्ड 9 बेड, डॉक्टर्स चैंबर 8, पानी विद आरओ 16, 232 टॉयलेट, 91 बाथरूम, लेक्चरर थिएटर 150 चेयर, वेटिंग हॉल 600 चेयर, सीसीटीवी कैमरे 165, ऑक्सीजन प्लांट 1, सभी टॉयलेट में इमरजेंसी बेल, आरओ एंड सॉफ्ट वाटर प्लांट, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर सिस्टम इन हाई क्वालिटी, 7 हजार स्क्वायर फीट कैंटीन, चार लिफ्ट, एक्स रे, ईईजी, ईसीजी, योगा व्यायाम के लिए 4 हजार स्क्वायर फीट एरिया, एयर कूलिंग एंड एयर कंडीशनर सिस्टम, साउंड फ्रूफ खिड़कियां, रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम। क्रिटिकल केयर ब्लॉक- गंभीर घायलों का इलाज आसान होगा पीबीएम हॉस्पिटल में क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण तेजी से चल रहा है। नए साल में यह बनकर तैयार हो जाएगा। करीब 52 हजार स्क्वायर फीट में तीन मंजिला भवन 50 बेड का बनेगा। भवन के निर्माण पर 23.75 करोड़ रुपए खर्च होंगे। क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनने से सांस में तकलीफ, सेप्टीसिमिया(संक्रमण), हार्ट फेलियर, ब्रेन स्ट्रोक, हेड इंजरी, चोट और हादसों के दौरान गंभीर मरीजों को राहत मिलेगी। इसके अलावा महामारी के समय भी इसका उपयोग किया जा सकेगा। एक ही छत के नीचे रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर आउटडोर इनडोर, दवा जांच(पैथोलॉजी,रेडियोडाग्नोसिस और बायोकेमिस्ट्री), आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा पोर्टेबल सोनाग्राफी, एक्स-रे और ईसीजी जांच की मशीन भी होगी।

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