जालंधर| विजिलेंस विभाग ने सिविल अस्पताल के ऑर्थोपेडिक डॉक्टर के नाम पर दस हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए बाउंसर नरिंदर कुमार को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। विजिलेंस ने 3 दिन के रिमांडकी मांग की थी , हालांकि कोर्ट ने एक दिन के रिमांड पर आरोपी को विजिलेंस को सौंप दिया है। बता दें कि फिरोजपुर के गांव मल्लांवाला खास के लोकेश ने मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर दर्ज शिकायत में कहा था कि उन्होंने मौसी का विकलांगता प्रमाण पत्र के लिए एक महीने पहले सिविल सर्जन दफ्तर (जालंधर) में आवेदन किया था। ऑर्थोपेडिक्स डॉक्टर ने 60 फीसदी विकलांगता लिखी थी, मगर फ्री की ई-ट्राइसाइकिल के लिए 80 फीसदी विकलांगता चाहिए थी। ऑर्थोपेडिक्स डॉ. गुरचेतन सिंह के कार्यालय के बाहर तैनात उक्त सुरक्षा गार्ड ने विकलांगता प्रमाण पत्र में प्रतिशत बढ़ाने के बदले 10,000 रुपए की मांग रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोपी के साथ हुई बातचीत को अपने फोन में रिकॉर्ड कर लिया और इसे विजिलेंस ब्यूरो को सौंपा था। वीरवार को आरोपी को गिरफ्तार किया था।


