कटनी जिले के विजयराघवगढ़ स्थित ग्राम घुनौर और आसपास के इलाकों में बीते 48 घंटों से फैला दहशत का माहौल गुरुवार को समाप्त हो गया। वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उस तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया, जिसने एक 10 वर्षीय बच्चे की जान ली थी। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। यह घटना 30 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 1:00 बजे हुई थी। ग्राम घुनौर निवासी राज कोल लकड़ी बिनने गया था, तभी घात लगाकर बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया और उसे उठाकर झाड़ियों की ओर ले गया। इस घटना से पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। सघन तलाशी अभियान के बाद झाड़ियों में बालक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने तेंदुए को तुरंत पकड़ने की मांग की। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई। तेंदुए को पकड़ने के लिए 1 जनवरी 2026 की सुबह से ‘ऑपरेशन पैंथर’ शुरू किया गया। वन विभाग की टीम ने घुनौर के जंगलों में तेंदुए की गतिविधियों वाले रास्तों को चिन्हित किया और वहां मजबूत पिंजरे लगाए, जिनमें शिकार का लालच दिया गया। कई घंटों के इंतजार और कड़ी निगरानी के बाद, आखिरकार तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। वन विभाग की टीम ने इस ऑपरेशन को कुशलता से अंजाम दिया ताकि किसी को कोई नुकसान न हो। एसडीओ सुरेश भरौले ने बताया कि तेंदुए का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कर लिया गया है। तेंदुआ पूर्णतः स्वस्थ है और उसे अब सतना जिले के मुकुंदपुर चिड़ियाघर में छोड़ा जाएगा।


