मंत्रालय में आज उच्च स्तरीय बैठक:सभी विभागों की एक साल की कार्ययोजना तय होगी, एनर्जी पर रहेगा फोकस

वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किए जाने के बाद प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्णय के तहत आज मुख्य सचिव अनुराग जैन मंत्रालय में सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों के साथ अहम बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में विभागवार लक्ष्य तय करने के साथ-साथ आगामी एक साल की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मुख्य सचिव जैन बैठक में विजन @ 2047 के तहत मुख्यमंत्री द्वारा तय की गई प्लानिंग को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देंगे। खासतौर पर विकास कार्यों और हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर फोकस रहेगा। विकास कार्य, बजट और फील्ड एक्शन पर जोर मंत्रालय में होने वाली इस बैठक में राज्य और केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचे, इसके लिए फील्ड स्तर पर किए जाने वाले कार्यों और जागरूकता अभियानों पर भी मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही आगामी बजट में प्रस्तावित योजनाओं को लेकर विभाग प्रमुख और अपर मुख्य सचिव अपनी तैयारियों और सुझावों से अवगत कराएंगे। मुख्य सचिव विभागों के कामकाज में कसावट लाने, समयबद्ध निष्पादन और फील्ड से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर जनहित में आवश्यक निर्देश जारी करने पर जोर देंगे। किसान कल्याण वर्ष में किसानों पर रहेगा विशेष फोकस गौरतलब है कि वर्ष 2025 को मोहन सरकार ने उद्योग वर्ष घोषित किया था। इसलिए उद्योग वर्ष में हुए कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी इस बैठक में की जाएगी। उद्योगपतियों और छोटे उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए उपलब्ध कराई जा रही भूमि, सुविधाएं और रोजगार सृजन पर भी चर्चा होगी। वहीं किसान कल्याण वर्ष 2026 में सरकार किसानों को कौन-कौन से नए लाभ दे सकती है, इस पर विशेष मंथन होगा। सोलर पंप योजना का लाभ किसानों तक तेजी से पहुंचाने, फसल नुकसान की स्थिति में दी जाने वाली राहत राशि और उसके वितरण की स्थिति की समीक्षा राजस्व विभाग के साथ की जाएगी। इसके अलावा कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग के अधिकारियों से भी विस्तार से चर्चा होगी। रबी सीजन में बिजली की उपलब्धता बनाए रखने के लिए ऊर्जा विभाग को भी आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। 52 हजार किसानों के खेत में सोलर पंप स्थापित प्रदेश में 52 हजार किसानों के खेत में सोलर पंप स्थापित करने की योजना प्रारंभ की गई है। इसके लिए 34 हजार 600 इकाइयों को लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर 33 हजार कार्यदेश जारी किए जा चुके हैं। किसान के खेत में सोलर पम्प स्थापित होने से अब उन्हें विद्युत प्रदाय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। इस पर भी बैठक में चर्चा होगी। 31 दिसंबर को प्रदेश में 19,849 मेगावाट रही बिजली की अधिकतम मांग प्रदेश में बिजली आपूर्ति को लेकर भी सरकार सतर्क नजर आ रही है। वर्ष 2025 के अंतिम दिन 31 दिसंबर 2025 को सुबह 10:44 बजे मध्यप्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 19,849 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश के सभी उत्पादन केंद्रों, लाइनों और सबस्टेशनों से निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। क्षेत्रवार बिजली मांग इस प्रकार रही— इस मांग की पूर्ति के लिए कुल मिलाकर, किसान कल्याण वर्ष 2026 की मजबूत शुरुआत के लिए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं और आज की बैठक को आने वाले साल की दिशा तय करने वाली अहम कड़ी माना जा रहा है।

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