टीकमगढ़ में नए साल के पहले दिन गुरुवार को शहर के प्राचीन विजय राघव मंदिर से सनातन धर्म समरसता यात्रा निकाली गई। नगर भ्रमण के बाद यह यात्रा बगाज माता मंदिर के लिए रवाना हुई। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह लोगों ने यात्रा में शामिल साधु-संतों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया। मंदिर समिति के सदस्य राहुल तिवारी ने बताया कि विजय राघव मंदिर में सनातन धर्म समरसता के लिए 26 दिसंबर से श्री रामचरित मानस का पाठ आयोजित किया गया था। रामायण की प्रत्येक चौपाई पर यज्ञ में आहुति डाली गई। आज मंदिर परिसर से सनातन धर्म समरसता पदयात्रा निकाली जा रही है, जिसमें शामिल लोग करीब 18 किलोमीटर पैदल चलकर बगाज माता मंदिर पहुंचेंगे। देखिए तस्वीरें… 14 वर्षों से विश्व शांति के लिए सनातन समरसता पदयात्रा मंदिर के महंत सुधीर मिश्रा ने जानकारी दी कि विश्व शांति के लिए पिछले 14 सालों से हर साल 1 जनवरी को इस यात्रा का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि नए साल पर लोग पश्चिमी संस्कृति को अपनाकर धार्मिक कार्यक्रमों से दूर होते जा रहे हैं। लोगों को सनातन परंपरा से जोड़े रखने के उद्देश्य से सनातन समरसता पदयात्रा की यह पहल की गई थी। इस यात्रा में बड़ी संख्या में साधु-संत और शहर के लोग शामिल हैं। पठा गांव में फलाहारी बाबा भी यात्रा में शामिल हुए, जहां संजय नायक, राजेश साहू, सुनील यादव और राम राय सहित कई भक्तों ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद यात्रा अपने अगले पड़ाव के लिए आगे बढ़ी। समापन पर महाआरती, शाम को लौटेंगे श्रद्धालु महंत सुधीर मिश्रा ने बताया कि आज यात्रा के समापन पर शाम को बगाज माता मंदिर में भव्य महाआरती और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा। शाम करीब 5 बजे सभी श्रद्धालु वापस टीकमगढ़ के लिए रवाना होंगे।


