जिला परिषद की बैठक को लेकर मंत्री-प्रधान भिड़े:प्रधान बोलीं- स​​​​​​​दस्य पूरे नहीं; यह बैठक अवैध, मंत्रीजी प्रशासन आपके सामने कर रहा मनमानी

भरतपुर जिला परिषद बैठक में शुक्रवार मंत्री की मौजूदगी में पंचायत समिति की प्रधान ने प्रशासन पर मनमानी के आरोप लगाए। कुम्हेर पंचायत समिति प्रधान रश्मि फौजदार बैठक में कोरम पूरा नहीं होने की बात कहते हुए बहिष्कार किया। फौजदार ने बैठक को गलत बताते हुए कोर्ट जाने की बात कही। वहीं, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने कहा कि बहिष्कार की बजाय प्रधान बैठक में रहकर अपनी बात रखतीं तो अच्छा होता। कुम्हेर पंचायत समिति की प्रधान रश्मि फौजदार ने बैठक में कहा – मैं इस बैठक का बहिष्कार कर रही हूं, प्रशासन अपनी मनमानी चलाएगा। आप जबरदस्ती मीटिंग कर रहे हैं। यह बिल्कुल गलत है। कोरम पूर्ति के अभाव में बैठक करना गलत है। ये बात ऊपर तक उठेगी जब सदस्य ही बैठक के लिए राजी नहीं हैं। जबरदस्ती प्रशासन को बुलाकर SDM को प्रधान का चार्ज देकर उन्हें बुलाकर उनसे साइन करवा रहे हैं। प्रशासन पूरी तरह से अपनी मनमर्जी कर रहा है। जनप्रतिनिधियों का क्या होगा फिर, हम लोगों को किस लिए चुना गया है। माननीय मंत्री महोदय आपके होते हुए ऐसा हो रहा है। प्रशासन इतना ज्यादा गलत कर रहा है। जनता के साथ में कितना गलत हो रहा है। यह मीटिंग बिल्कुल गलत है। बैठक के बाद गृह राज्य मंत्री बेडम ने कहा- लोकतंत्र में अपने विचार व्यक्ति करने का सभी को अधिकार है। विचार व्यक्ति करने के लिए सदन से बड़ी चीज कोई हो नहीं सकती। अच्छा होता वह सदन में बैठकर अपनी बात कहती। जिससे उनके क्षेत्र के लोगों की समस्या के समाधान हो सकते थे। उनकी सोच उनके साथ है। मैं तो यही कह सकता हूं कि सदन में रहकर वह अपनी बात कह सकती थी। बैठक में सदस्य पूरे थे। एक साल बाद हुई मीटिंग विधानसभा चुनावों से पहले जगत सिंह जिला प्रमुख थे। नदबई से विधायक का चुनाव जीतने के बाद से जिला प्रमुख की कुर्सी खाली पड़ी है। जिसका चार्ज कलेक्टर अमित यादव के पास है। कलेक्टर ने ही आज करीब 1 साल बाद मीटिंग बुलाई थी। जिसमें कुम्हेर पंचायत समिति की प्रधान का आरोप था कि बैठक में 12 जिला परिषद सदस्य अनिवार्य हैं, लेकिन बैठक में जिला परिषद सदस्य कम आये हैं। इसलिए यह बैठक अवैध है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ मैं कोर्ट में जाउंगी। बैठक में सदस्यों की संख्या को लेकर जब कलेक्टर अमित यादव ने बताया – डेढ़ साल बाद जिला परिषद की बैठक हुई। इससे पहले भी एक बार और बैठक रखी गई थी लेकिन सदस्यों की कमी के कारण बैठक स्थगित कर दी गई। जिला परिषद के सदस्य सांसद, विधायक, प्रधान और जिला परिषद के सदस्य होते हैं। कुल मिलाकर बैठक में तीसरा भाग होना चाहिए। बैठक में 3 विधायक 1 मंत्री इसके अलावा सदस्य थे। ऐसे करके पूरे 19 सदस्य थे। बैठक के लिए सदस्य पूरे थे, इसलिए बैठक आयोजित की गई।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *