राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (आरयूएचएस) ने सत्र 2025-26 के लिए संबद्धता फीस कैलेंडर जारी कर दिया है। इसके अनुसार सत्र 2025-26 में खुलने वाले नए मेडिकल संस्थानों के लिए वन टाइम संबद्धता शुल्क 47 हजार से लेकर तीन लाख रुपए तक बढ़ाया गया है। इससे मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी, नर्सिंग, पैरामेडिकल और फिजियोथैरेपी की पढ़ाई महंगी होगी। देरी से फीस जमा कराने वालों को जुर्माना देना पड़ेगा। हर बार विश्वविद्यालय प्रशासन सरकार की ओर से किसी तरह का बजट नहीं मिलने का तर्क देकर पल्ला झाड़ लेता है, लेकिन इसकी मार किसी न किसी बहाने छात्रों पर पड़ना तय है। विशेषज्ञों के अनुसार फीस बढ़ाने पर छात्रों से विभिन्न मदों में शुल्क ले लिया जाता है। मेडिकल संस्थान फीस की भरपाई करने के लिए लाइब्रेरी, मैस, हॉस्टल, ट्यूशन, कंप्यूटर लैब, प्रायोगिक फीस एवं विकास शुल्क के नाम फीस वसूलते हैं। सत्र 2025-26 में नए खुलने वाले मेडिकल कॉलेज को 3 लाख 25 हजार 300 रुपए और डेंटल कॉलेज को संबद्धता शुल्क एक लाख रुपए ज्यादा देना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बॉम) की मीटिंग में हर साल फीस बढ़ाने का पहले से निर्णय है, तभी हर साल संबद्धता शुल्क बढ़ाया जा रहा है। कैलेंडर में लेट फीस का भी प्रावधान
“सत्र 2025-26 में खुलने वाले नए संस्थानों को विश्वविद्यालय से वन टाइम और अस्थायी संबद्धता शुल्क के लिए कैलेंडर जारी कर दिया है। हमने लेट फीस का भी प्रावधान रखा है।”
-डॉ. धनन्जय अग्रवाल, कुलपति, आरयूएचएस


