हाथों के बल नर्मदा परिक्रमा करते डिंडौरी पहुंचे संत:विजयदशमी से की थी शुरुआत, पांच साल में पूरी होगी; जगह-जगह हुआ स्वागत

गुरुवार को संत दिगंबर धर्मपुरी महाराज अपने गुरु के साथ हाथों के बल नर्मदा परिक्रमा करते हुए डिंडौरी नगर पहुंचे। उनके नगर में पहुंचते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया और मार्ग में फूल बिछाए गए। बढ़ती भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस को मार्ग बदलना पड़ा। नगर में प्रवेश करते ही बढ़ी भीड़ संत के डिंडोरी पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु उन्हें देखने पहुंच गए। लोगों ने आतिशबाजी कर स्वागत किया। श्रद्धालु उनके दर्शन कर आशीर्वाद लेते और भेंट अर्पित करते नजर आए। विजयदशमी से शुरू की परिक्रमा संत दिगंबर धर्मपुरी महाराज ने बताया कि उन्होंने विजयदशमी के दिन नर्मदा के उद्गम स्थल माई की बगिया से परिक्रमा शुरू की थी। हाथों के बल चलने के कारण वे एक दिन में करीब ढाई से तीन किलोमीटर ही आगे बढ़ पाते हैं। इसी वजह से डिंडोरी पहुंचने में दो महीने लगे हैं। पूरी परिक्रमा में लगेंगे करीब पांच साल संत ने बताया कि इस तरह पूरी नर्मदा परिक्रमा करने में लगभग पांच साल का समय लगेगा। इससे पहले वे चार बार पैदल नर्मदा परिक्रमा कर चुके हैं। गुरु के आदेश पर लिया संकल्प धर्मपुरी महाराज ने कहा कि उन्होंने यह परिक्रमा अपने गुरु शंकर पुरी महाराज के आदेश पर शुरू की है। गुरु के कहने पर उन्होंने हाथों के बल नर्मदा परिक्रमा करने का संकल्प लिया और गुरु स्वयं उनके साथ यात्रा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी दर्शन के लिए पहुंचे रवि मिश्रा ने बताया कि आमतौर पर लोग वाहन या पैदल नर्मदा परिक्रमा करते हैं, लेकिन हाथों के बल परिक्रमा करना बेहद अनोखा है। इसी वजह से इस परिक्रमा को देखने के लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है।

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