छत्तीसगढ़ के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के तमनार ब्लॉक में JPL कोल-खदान को आवंटित गारे पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान को लेकर हुआ आंदोलन भले ही अब खत्म हो गया हो। लेकिन 27 दिसंबर की हिंसा से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर से गरमा गया है। 40 सेकेंड और 19 सेकेंड के दो वायरल वीडियो में अराजकतत्व महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ते दिख रहे है। महिला आरक्षक आरोपियों से रोकर माफी मांग रही है। भाई बोलकर संबोधित कर रही है और माफी की भीख मांग रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने आंदोलनस्थल से महिला आरक्षक को आधा किलोमीटर दूर तक दौड़ाया। उसको खेत में गिराकर कपड़े फाड़े और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। वीडियो में कुछ आरोपी चप्पल लेकर महिला आरक्षक को गर्मी निकालने की धमकी दे रहे है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पढ़े क्या है पूरा मामला दरअसल, JPL कोल-खदान को आवंटित कोल ब्लॉक की जनसुनवाई को लेकर 12 दिसंबर से आंदोलन चल रहा था। जनसुनवाई के लिए प्रस्तावित स्थल बदले जाने के बाद स्थानीय लोगों का विरोध लगातार तेज होता गया। 27 दिसंबर को एक सड़क दुर्घटना के बाद आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच विवाद अचानक हिंसक हो गया। देखते ही देखते पथराव, आगजनी और पुलिसकर्मियों से बदसलूकी की घटनाएं सामने आईं। इस हिंसा के दौरान आधा दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच सीधी भिड़ंत के कई वीडियो पहले ही सामने आ चुके थे, जिनमें तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम को महिलाओं द्वारा लात-घूंसे मारते हुए देखा गया। अब जो नया वीडियो वायरल हुआ है, उसने पूरे मामले को और भी शर्मनाक बना दिया है। पुलिस की चुप्पी पर सवाल सोशल मीडिया में वायरल वीडियो होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी पूरे मामले में सवाल खड़ा कर रही है। घटना का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद भी इस मामले में अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। पूरे मामले में रायगढ़ पुलिस अधीक्षक का बयान भी नहीं आया। महिला आयोग, सरकार और विपक्ष भी इसमे मौन है।


