बालोद| किसानों को रबी में धान के स्थान पर दलहनी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। धान की फसल में सिंचाई के लिए अत्यधिक पानी की आवश्यकता होती है। दलहनी फसलें कम पानी में तैयार होती हैं और मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती हैं। साथ ही इससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलने की संभावना अधिक रहती है। यदि सरकार द्वारा उचित प्रोत्साहन, तकनीकी मार्गदर्शन और समर्थन मूल्य की व्यवस्था की जाए, तो वे रबी में दलहन की ओर रुख कर सकते हैं।


