सिटी रिपोर्टर }नए साल पर जयपुर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक रोचक जानकारी तेजी से शेयर हो रही थी- स्पेन का यह कल्चर कि अगर आप 12 अंगूर खरीदकर टेबल के नीचे बैठकर खाएं तो आपको “गुड लक’ मिलेगा या आपकी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर कई बार भ्रामक वीडियो भी चल जाते हैं, और यह उनमें से एक हो सकता है। फिर भी, बहुत से लोगों ने इस ट्रेंड को सच मान लिया और अंगूर खरीदने बाजारों की ओर निकल पड़े। 31 दिसंबर की रात हालात ऐसे बने कि कुछ ही घंटों में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों दुकानों से अंगूर गायब हो गए। लेकिन इस “अंगूर-संकट’ ने शहर में कुछ बेहद प्यारी और मुस्कुराहट भरी कहानियां भी जन्म दीं। सिटी रिपोर्टर ने इस ट्रेंड को ग्राउंड पर जाकर देखा- थड़ी मार्केट, जेएलएन मार्ग, लालकोठी मंडी जैसी जगहों पर लोग अंगूर खरीदते नजर आए। एक पिता अपनी बेटी के लिए अंगूर ढूंढते-ढूंढते कई किलोमीटर सफर तय करके पहुंचे। लंबे इंतजार और ठंडी हवा के बीच उन्हें आधा डिब्बा अंगूर पूरे दाम पर मिल पाया, लेकिन उनके चेहरे पर निराशा नहीं, बल्कि जीत-सी चमक थी। लौटते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- नए साल पर अंगूर तो बिल्कुल बीरबल की खिचड़ी हो गए हैं। वहीं, एक किशोरी हरे अंगूर तलाशती रही, मगर हर जगह स्टॉक खत्म था। तभी एक फेरीवाले ने मुस्कुराकर काले अंगूर की पेटी आगे बढ़ाई और बोला- भगवान रंग देखकर नहीं, दिल देखकर दुआ कबूल करते हैं… काले अंगूर भी मनोकामना पूरी करेंगे। इतना कहकर उसने प्यार से पेटी में एक हरा अंगूर भी रख दिया।


