वड़िंग-आशु की लड़ाई, दो खेमों में बंटी कांग्रेस:लुधियाना के चार विधानसभा हलको में आमने-सामने हुए दोनों गुटों के नेता

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान व लुधियाना सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। दोनों एक दूसरे के पर अब सीधे हमले करते जा रहे हैं। वड़िंग व आशु की लड़ाई में लुधियाना कांग्रेस दो खेमों में बंट गई। लुधियाना के चार विधानसभा हलकों में दोनों गुटों के नेता आमने-सामने होने लगे हैं। लुधियाना पश्चिमी, लुधियाना दक्षिणी, आत्म नगर व साहनेवाल हलके में राजा वड़िंग व आशु ने अपने-अपने नेताओं को खड़ा कर दिया। यही कवायद लुधियाना केंद्रीय, लुधियाना उत्तरी और लुधियाना पूर्वी में भी चल रही है। पार्टी में चल रही गुटबाजी का असर आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के नतीजों पर पड़ेगा। वड़िंग ने आशु बता दिया विरोधी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु को पार्टी विरोधी तक कह दिया। जब पार्षद पति इंद्रजीत इंदी पर पर्चा हुआ था तब आशु ने कहा था कि प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग वर्कर्स के साथ खड़े नहीं होते। इसके जवाब में वड़िंग ने कहा कि प्रधान के खिलाफ बात करने वाला विरोधी ही होता है। वड़िंग ने कहा कि वो वर्कर्स के लिए लड़े हैं इसीलिए आज इस पोजिशन पर हैं जो नहीं लड़े उन्हें लोगों ने घर बैठा दिया। आशु को घेरने पर वड़िंग का फोकस राजा वड़िंग भारत भूषण आशु को उनके ही हलके लुधियाना पश्चिमी में घेरने में जुटे हैं। राजा वड़िंग ने पूर्व जिला प्रधान पवन दीवान को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। पवन दीवान अलग-अलग मुहिम चलाकर हलके में लोगों से संपर्क करने में जुटे हैं। यही नहीं राजा वड़िंग की पत्नी अमृता वड़िंग भी पवन दीवान के साथ हलका पश्चिमी के कई कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी हैं। आत्म नगर में बैंस के सामने कड़वल हुए खड़े लोकसभा चुनाव के दौरान राजा वड़िंग ने लोक इंसाफ पार्टी का कांग्रेस में विलय करवाया और सिमरजीत सिंह बैंस व बलविंदर बैंस को कांग्रेस में शामिल किया। सिमरजीत सिंह बैंस ने आत्मनगर हलके से बड़ी लीड दिलाई थी। उसके बाद वड़िंग ने सिमरजीत सिंह बैंस को आत्म नगर हलके से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी करने को कह दिया। वहीं अब आशु गुट के कमलजीत सिंह कड़वल ने भी खुद को आत्म नगर हलके का इंचार्ज बताना शुरू कर दिया। कड़वल ने नए साल के मौके पर एक पोस्टर जारी किया जिसमें आशु व चरणजीत सिंह चन्नी की फोटो है और खुद को कांग्रेस का हलका इंचार्ज बताया है। सिमरजीत सिंह बैंस व कमलजीत सिंह कड़वल के बीच पहले से ही 36 का आंकड़ा। दक्षिणी हलके में बलविंदर बैंस बनाम ईश्वर जोत चीमा विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस के टिकट पर आशु गुट के ईश्वर जोत सिंह चीमा ने चुनाव लड़ा, तब से वो बतौर हलका इंचार्ज काम कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान बलविंदर सिंह बैंस कांग्रेस शामिल हुए तो वड़िंग ने उन्हें दक्षिणी हलके में सक्रिय रहने को कह दिया। दक्षिणी हलके में एक तरफ आशु गुट के ईश्वर जोत सिंह चीमा सक्रिय हैं वहीं दूसरी तरफ वड़िंग गुट की तरफ से बलविंदर बैंस सक्रिय हो गए हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में बलविंदर बैंस और ईश्वर जोत सिंह चीमा दोनों चुनाव हार गए थे। बलविंदर बैंस इस हलके से पहले विधायक रह चुके हैं। साहनेवाल में बिक्रम बाजवा के खिलाफ बगावत साहनेवाल में पूर्व मुख्यमंत्री रजिंदर कौर भट्‌ठल के दामाद ब्रिकम सिंह बाजवा हलका इंचार्ज हैं। इन दिनों बिक्रम बाजवा भी राजा वड़िंग गुट में चल रहे हैं। वहीं साहनेवाल हलके में युवा कांग्रेस के नेता लक्की संधू ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लक्की संधू ने साफ कर दिया कि जो व्यक्ति साहनेवाल में नहीं रहता है वो कैसे लोगों से जुड़ सकता है जबकि विपक्षी पार्टियों के नेता रोजाना हलके में घूमते हैं। लक्की संधू ने जिला परिषद व ब्लॉक समिति चुनाव में हार के लिए सीधे तौर ब्रिक्रम बाजवा को जिम्मेदार ठहरा दिया। लक्की संधू का कहना है वो जल्दी ही प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल से मिलेंगे और हलका साहनेवाल की हकीकत से उन्हें रूबरू करवाएंगे।

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