भास्कर न्यूज|गिरिडीह झारखंड में पर्यटन व रोजगार की संभावनाओं पर राज्य के नगर विकास, पर्यटन सह उच्च तकनीकि शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने काम शुरू कर िदया है। इसकी मुहिम उन्हांेने अपने गृह िवधानसभा िगरिडीह से आरंभ की है। िजसमें सर्वप्रथम िगरिडीह-धनबाद रोड पर जीर्णशीर्ण हालत में िस्थत उसरी वाटर फॉल को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित करने की रणनीति तैयार की गई, जो 60:40 के अनुपात में वर्किंग करेगा। उसरी वाटर फॉल की सफलता के बाद इसे पूरे झारखंड में लागू किया जाएगा। इसी क्रम में मंत्री ने शनिवार को गिरिडीह डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, डीएफओ मनीष कुमार तिवारी के साथ उसरी वाटर फॉल का निरीक्षण किया। इसके बाद गंगापुर वन समिति सदस्यों के साथ बैठक कर वाटर फॉल के विकास व संचालन पर चर्चा की। मंत्री ने कहा कि उसरी वाटर फॉल को एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जाएगा। प्रोजेक्ट के सफल होने पर, ठीक इसी तरह की व्यवस्था को राज्य के अन्य पर्यटन क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। ताकि पर्यटन स्थल से आसपास के लोगों को बेहतर रोजगार का साधन मिल सके। योजना संचालन का जिम्मा वन समिति का होगा। वहां से होने वाली आमदनी का 60 प्रतिशत विभाग और 40 प्रतिशत वन समिति को मिलेगा। वहीं आस-पास में पार्किंग की व्यवस्था होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। ऐसा होने से यहां नाईट स्टे करने वाले पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ेगी और रोजगार का साधन विकसित होगा। उसके साथ ही कई तरह के नए काम होंगे। जिससे लोगांे का झुकाव उसरी फॉल की तरफ होगा और पर्यटकों की भीड़ बढ़ेगी। कई स्थानों पर वाच टावर बनाया जाएगा। जहां से लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठा सकेंगे। इस व्यवस्था को ले गांव वालों से अपना मंतव्य भी मांगा। जिस पर गांव के लोग सहज ही तैयार हो गए। इस क्रम में वन समिति के सदस्यों ने पारंपरिक तरीके से मंत्री का स्वागत किया। डीएफओ को दिया प्लान तैयार करने का निर्देश मंत्री ने डीएफओ मनीष कुमार तिवारी को कहा कि गंगापुर वन समिति के दायरे मंे यह पूरा इलाका आता है। ऐसे में वन समिति के साथ बैठक करते हुए उनके साथ प्लान तैयार करें। ताकि गांव के लोगों के लिए बेहतर हो सके। जहां पर रेस्ट हाउस, पार्क और पार्किंग की व्यवस्था होगी। वह स्थल बेहतर होना चािहए। ताकि पर्यटकों को रुकने मंे परेशानी न हो। इसलिए ग्रामीणों से मिलकर योजना तैयार करने से उनका भी जुड़ाव प्रोजेक्ट के सफल करने मंे होगा। मंत्री सुदिव्य कुमार ने खंडोली का भी निरीक्षण किया। उन्होंने डीसी को निर्देश दिया कि खंडोली मुख्य मार्ग से पर्यटक स्थल तक बघरा तक सड़क निर्माण, बेंगाबाद मेन रोड से खंडोली जाने वाले मुख्य सड़क 100 वाट के लाइट लगाने का निर्देश दिया। मंत्री ने डीएफओ को निर्देश देते हुए कहा कि खंडोली डैम को विकसित करने के लिए बघरा वन भूमि को इसकी जांच कर जांच रिर्पोट सरकार को सुपुर्द करें। जिससे बागवानी के रुप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि खंडोली में प्लास्टिक को पूरी तरह से बैन किया जाएगा। सुरक्षा की जिम्मेवारी वन समिति की होगी मंत्री ने कहा कि उसरी वाटर फॉल की देख-रेख का जिम्मा वन समिति के सदस्यों के पास होगी। तभी व्यवस्था बेहतर होगी। नाइट स्टे करने वाले लोगों की सुरक्षा करने की जिम्मा समिति के जुड़े पुरुष सदस्य करेंगे। साथ ही नाइट स्टे मंे रहने वाले पर्यटकों के भोजन आदि का इंतजाम का जिम्मा वन समिति से जुड़ी मिहला सदस्यों के पास होगी। उनकी योजना है कि होटल और रेस्टोरेंट का कल्चर उसरी वाटर फॉल मंे विकसित नहीं करना है। वन समिति से ही बेहतर काम हो सकता है। 2 करोड़ की लागत से बनेगा रेस्ट हाउस उसरी वाटर फॉल मंे 1 करोड़ की लागत से रेस्ट हाउस का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि उसरी वाटर फॉल में 6 कमरे का बेहतर रेस्ट हाउस के साथ डायनिंग रुम और कीचन होगा। जहां पर पर्यटक नाइट स्टे कर प्रकृति का आनंद ले सकेंगे। इसके साथ पार्क आदि का भी निर्माण होगा। ताकि बच्चे भी वहां पर आनंद उठा सके।


