हिमाचल में ठेकेदारों का 600 करोड़ का भुगतान अटका:विकास कार्यों पर संकट, 5 लाख कामगारों की नौकरी खतरे में; चक्का जाम की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश में सरकारी निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों का लगभग 600 करोड़ रुपए का भुगतान ट्रेजरी में अटका हुआ है। इस स्थिति से नाराज ठेकेदारों ने चक्का जाम की चेतावनी दी है। सरकारी ठेकेदार कल्याण परिषद मंडी जोन की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। परिषद के अध्यक्ष केशव नायक के अनुसार, ट्रेजरी में 600 करोड़ के अलावा विभिन्न विभागों में 2100 करोड़ रुपए से अधिक के बिल लंबित हैं। भुगतान न होने से ठेकेदारों पर जीएसटी का करीब 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ा है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार ट्रेजरी को बंद किया गया है, जिससे सरकारी विभागों की कार्य व्यवस्था चरमरा गई है। ठेकेदारों का कहना है कि वे राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और प्रदेश में प्रत्यक्ष रूप से 5 लाख से अधिक स्थानीय और प्रवासी कामगारों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं। लंबे समय से भुगतान न मिलने के कारण वे बैंक ऋण और बाजार की उधारी नहीं चुका पा रहे हैं। कुछ ठेकेदारों की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उन्हें अपनी संपत्ति बेचने की नौबत आ गई है। ठेकेदारों ने सरकार से बजट सत्र से पहले भुगतान की मांग की है। उनका कहना है कि यदि भुगतान नहीं किया गया तो न केवल ठेकेदारों का वित्तीय चरित्र खराब होगा, बल्कि सरकार को भी जीएसटी राजस्व में हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होगा और प्रदेश के विकास कार्य प्रभावित होंगे।

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