बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आज यानी शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पटना पहुंचे हैं। एयरपोर्ट से वो सीधे होटल मौर्या के लिए निकले। इस होटल में राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक चल रही है। जैसे ही राहुल गांधी होटल के गेट पर पहुंचे, तेजस्वी यादव उनसे मिलने आ गए। कुछ देर होटल में रुकने के बाद राहुल गांधी बापू सभागार में सिविल सोसाइटी की ओर से आयोजित ‘संविधान सुरक्षा सम्मेलन’ में शामिल होने निकल गए। इसके बाद कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम जाएंगे। कर्मचारियों के लिए बनाए गए ‘इंदिरा गांधी आवास’ का उद्घाटन करेंगे। उन्हें चाबी सौपेंगे। शुक्रवार को राहुल गांधी ने फेसबुक पर एक पोस्ट कर लिखा कि ‘अगर किसी भारतीय के खिलाफ नफरत फैलाया जाएगा। उनके खिलाफ हिंसा होगी। उनके न्याय के लिए मैं हमेशा खड़ा मिलूंगा। हर भारतीय के जान और स्वाभिमान की हिफाजत हर हाल में करूंगा। संविधान की रक्षा के रास्ते में यह मेरा सबसे बड़ा कर्तव्य है।’ प्रदेश प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने बताया कि ‘ राहुल गांधी बापू सभागार में 2 घंटे तक रूकेंगे। फिर सदाकत आश्रम आएंगे। प्रदेशभर से कार्यकर्ता राहुल गांधी को सुनने पटना आ रहे हैं। पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं को 2025 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को लेकर टिप्स देंगे और उनसे संवाद करेंगे।’ नगर निगम ने हटाया था पोस्टर राहुल गांधी के दौरे को लेकर पहले ही सियासत तेज हो गई है। एक तरफ जहां कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के स्वागत में पटना में पोस्टर लगाए हैं। गुरुवार को ही कांग्रेस के पोस्टर को नगर निगम ने हटा दिया। नगर निगम का कहना है, ‘इन पोस्टरों को लगाने की इजाजत नहीं ली गई थी। अवैध रूप से पोस्टर लगाए गए थे, इसलिए हटाया गया है।’ वहीं, बीजेपी ने भी पोस्टर के जरिए राहुल गांधी पर निशाना साधा है। बीजेपी के पोस्टर में इमरजेंसी को लेकर तंज कसा गया है। बीजेपी ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया वहीं, राहुल गांधी के बिहार दौरे पर बीजेपी हमलावर है। मंत्री शिवेश राम ने कहा, ‘कांग्रेस ने अंबेडकर को अपमानित किया। देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को अपमानित करके अंतिम समय में पटना भेजने का काम कांग्रेस ने किया। बीपी सिंह की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अंबेडकर को भारत रत्न देने का काम किया।’ वहीं प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा, ‘राहुल गांधी संविधान की बात करके घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। कम्युनिस्टों के साथ मिलकर नेहरू ने बाबा साहेब अंबेडकर को चुनाव में हराने का काम किया। नेहरू ने आरक्षण रोकने की कोशिश की थी। राहुल गांधी संविधान को बचाने की बात करते हैं।’ ‘आपसे यह सवाल है कि अंबेडकर के साथ किए गए बर्ताव पर कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए। इंदिरा गांधी ने मंडल आयोग की सिफारिश को लागू नहीं होने दिया। बीपी सिंह की सरकार ने इसे लागू किया।’


