शीतलहर, कोहरे की चपेट में बाड़मेर, 5 डिग्री गिरा तापमान:इस सीजन का सबसे गर्म दिन, 48 घंटे तक कोहरा छाए रहने की उम्मीद

बाड़मेर में दूसरे दिन भी शहर से गांव तक घना कोहरा छाया रहा। सुबह 9 बजे तक सूरज भी उसकी ओट में छिपा रहा। मावठ की बारिश के बाद तापमान में भी 4-6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। शीतलहर से जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा है। गुरुवार को दिन का तापमान में 5 दिन गिरकर 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग आगामी दो दिन तक कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है। दरअसल, शीत लहर चलने से पूरा रेगिस्तान इन दिनों शीत लहर की चपेट में है। नए साल की सुबह कोहरे के साथ हुई। जब सुबह उठे तो शहर से लेकर गांव तक घना कोहरा था। वाहनों की रफ्तार थमी रही। पहली बार एक ही दिन में पारा 19.0 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि एक दिन पूर्व 24.2 डिग्री था। ऐसे में 5 डिग्री तापमान में गिरावट हुई है। घने कोहरे और शीत लहर से गुरुवार को दिनभर लोग ठिठुरते नजर आए। दूसरे दिन शुक्रवार को भी चारों तरफ घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी 100 मीटर तक रही। नेशनल हाईवे और सड़कों पर घने कोहरे की वजह से आवाजाही भी कम नजर आई। पहाड़ कोहरे के पीछे छुप गया। सुबह 9:30 बजे तक सूरज भी कोहरे की आगोश में छिपा रहा। इसके बाद धीरे-धीरे कोहरा साफ होने लगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अचानक आए बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना है। उत्तर भारत के पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी और वहां से आ रही सर्द हवाओं ने राजस्थान के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनाया है। बाड़मेर जैसे शुष्क क्षेत्र में नमी के पहुंचने से बादलों का निर्माण हुआ और मावठ की स्थिति बनी। इस बारिश ने हवा में मौजूद धूल के कणों को साफ कर दिया है, जिससे विजिबिलिटी तो बढ़ी है, लेकिन गुरुवार की सुबह कोहरा छाया रहा। दो दिन कोहरे रहने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 48 से 72 घंटों तक बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों में घने कोहरा छाया रहेगा। न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री तक गिरावट रहेगी। अगले दो दिनों तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, जिससे धूप का असर कम रहेगा। किसानों के लिए फायदेमंद कृषि जानकारों का मानना है कि यह मावठ जीरा, ईसबगोल और रबी की अन्य फसलों के लिए अमृत समान है। मीठे पानी की वजह से फसलों की ग्रोथ होगी। इन दिनों फसलों को करीब 40-50 दिन हो चुके है।फसलें बढ़ने की स्थिति में है। बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। इस सीजन प हली बार शीत लहर चली है।

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