आगर मालवा जिले में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और पूरे क्षेत्र में घना कोहरा छा गया। तड़के से ही कोहरे की मोटी चादर ने शहर और ग्रामीण इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। सुबह के समय विजिबिलिटी घटकर लगभग 50 मीटर तक सीमित हो गई, जिससे आमजन को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रमुख सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। चालकों को वाहनों की हेडलाइट व फॉग लाइट जलाकर बेहद सावधानी से चलना पड़ा। कोहरे के कारण खासतौर पर सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कोहरे ने वातावरण में नमी और ठिठुरन बढ़ा दी हालांकि, जिले में अब तक इस सर्दी के मौसम में कड़ाके की ठंड का असर ज्यादा देखने को नहीं मिला था। गुरुवार को दिन के समय हल्की तपिश महसूस की गई थी, लेकिन शुक्रवार सुबह ठंडी हवाओं के साथ घने कोहरे ने वातावरण में नमी और ठिठुरन बढ़ा दी। मौसम विभाग के अनुसार, आगर मालवा में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया। तापमान भले ही सामान्य के आसपास बना हुआ है, लेकिन लगातार कोहरा छाए रहने से सर्दी का एहसास बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड का असर तेज होगा। रबी की फसलों पर पाले पड़ने की आशंका मौसम विशेषज्ञों ने यह भी आशंका जताई है कि यदि कोहरे का सिलसिला लगातार जारी रहा तो इसका असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है। खासकर चना, गेहूं और सरसों की फसलों में नमी बढ़ने से रोग लगने की संभावना रहती है। ऐसे में किसानों की नजर अब मौसम के अगले बदलाव पर टिकी हुई है।


