प्रतिदिन की तरह शनिवार की अहले सुबह भी हजारीबाग-बड़कागांव रोड पर पुलिस के जवान कोयला और बालू पास कराने में लगे रहे। साइकिल से कोयला बेचने वाले लोग पुलिस के सामने 10 रुपए का नोट फेंक रहे थे और पुलिस, वर्दी की गरिमा की परवाह किए बगैर जमीन पर फेंके गए नोट उठाकर पॉकेट में रख रही थी। यह दृश्य सड़क पर आने जाने वाला हर कोई देख रहा था। अहले सुबह कड़कड़ाती ठंड के बीच हजारीबाग-बड़कागांव मार्ग पर जयप्रभा नगर गेट के समीप पुलिस ड्यूटी का एक अद्भुत नजारा दिखा। सड़क के किनारे पीसीआर -5 की वैन खड़ी थी। ड्यूटी ऑफिसर गाडी में बैठे थे और पीसीआर वैन के अपोजिट वर्दी में दो जवान अपने तरह की ड्यूटी निभा रहे थे। दरअसल वे बालू लदे ट्रैक्टर और साइकिल से कोयला ढोने वालों को पास करा रहे थे। कोयला ढोने वाले कारोबारी शहर की ओर बढते हुए 10 रुपए का नोट पुलिस वालों की तरफ फेंकते जा रहे थे और शहर की ओर आगे बढते जा रहे थे। एक पुलिसवाला कोयला और बालू ढोने वालों को पैसा देने के लिए इशारा कर रहा था और दूसरा साइकिल से कोयला ढोने वालों द्वारा सड़क पर फेंके गए 10 रुपए के नोट को उठा रहा था। बालू गाड़ी और कोयले की बोरियों से लदी साइकिलें पुलिस की मुट्ठी गर्म करते हुए शहर की ओर बढ़ रही थी। कोयला वाले 10 का नोट फेंक रहे थे और बालू वाले गाड़ी रोककर पुलिस के हाथ में 100-50 का नोट थमा रहे थे। आसपास के लोगों ने कहा कि इस तरह की ड्यूटी पुलिसवाले यहां हर रोज बजाते हैं। पुलिसिंग से ज्यादा कोयला और बालू ढोने वालों पर नज़र रखते हैं। साइकिल से कोयला ढोने वाले 10 रुपए का नोट फेंकते जाते हैं और पुलिस वाले जमीन पर गिरे हुए नोट को उठाते रहते हैं। हर रोज सुबह दो सौ से अधिक साइकिल से कोयला ढोने वाले और 60 से अधिक ट्रैक्टर से बालू ढोने वाले बड़कागांव से शहर की ओर आते हैं। इस मामले में एसपी अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि सीधी कार्रवाई करुंगा।


